Publish Date: Thu, 16 Apr 2009 (21:50 IST)
Updated Date: Thu, 16 Apr 2009 (21:50 IST)
पापा आप जब आओगे तभी हम साथ खाना खाएँगे। यह दर्दभरी दास्तान छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी के बच्चों की है।
छात्रा लीलावती, सोमवती, छात्र रामकुमार, नीलेश सहित अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि हमारे पिता बुधवार शाम नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मतदान केन्द्र के लिए रवाना हो गए। हम लोगों ने अपने पिता की वापसी तक उपवास रखने का संकल्प लिया है ताकि हमारे पिता सही सलामत घर लौटकर आएँ और हम सब मिलकर भोजन करें।
दूसरी ओर कई महिलाओं ने अपने पति के सुरक्षित घर लौट आने के लिए पूजा-पाठ प्रारंभ कर दिया है। कल शाम जब मतदान केन्द्र के लिए एक कर्मचारी जा रहे थे, तो उनकी पत्नी ने भी साथ जाने की जिद की थी ताकि दोनों सुरक्षित लौट आएँ अथवा कोई घटना हो तो दोनों साथ-साथ रहें।
इधर छात्र-छात्राओं ने नक्सलियों से अपील भी की है कि चुनाव एक शासकीय प्रक्रिया है और संविधान के अनुसार चुनाव ड्यूटी में जाना अनिवार्य है। इसमें हमारे परिवार अथवा कर्मचारियों का कोई दोष नहीं इसलिए आपसे विनम्र विनती है कि मतदान दल कर्मचारियों को कोई नुकसान न पहुँचाएँ।
गौरतलब है कि बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 50 हजार 889 मतदाता हैं, इसके लिए 288 मतदान केन्द्र बनाए गए और सभी केन्द्र अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आते हैं।