Publish Date: Fri, 04 Feb 2022 (18:03 IST)
Updated Date: Fri, 04 Feb 2022 (18:07 IST)
बात आंखों की सुनो दिल में उतर जाती है....
जुबां का क्या है कभी भी मुकर जाती है......
जो केह सको वो कहो जरिया चाहे जो भी हो
जिंदगी का क्या है गुजरना चाहे....गुजर जाती है
वैलेंटाइन डे, प्यार का दिन। सबसे खास दिन होता है। प्यार का इजहार करने के लिए। हालांकि प्यार का इजहार तो कभी भी किया जा सकता है।लेकिन इस दिन की बात ही अलग है। वैसे प्यार का कोई रंग नहीं होता है पर इसे लाल रंग से नवाजा जाता है। लाल रंग के साथ इस दिन लाल गुलाब का भी महत्व होता है। ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि वेलेंटाइन डे यानी 14 फरवरी के दिन लाल रंग इतना स्पेशल क्यों होता है। तो आइए जानते हैं लाल रंग और लाल गुलाब ही क्यों शिफ्ट किया जाता है।
लाल रंग प्यार का रंग
दरअसल, लाल रंग को प्यार का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से वेलेंटाइन वीक मनाया जाता है। और इस दिन हर कोई लाल रंग के रूप में अलग-अलग तरह से अपने प्यार का इजहार करते हैं।
रंग एक रूप अनेक
लाल रंग को कभी त्याग का रंग भी माना जाता है। साथ ही इसी रंग को गुस्सा, तो कभी जंग और खतरे का रंग भी माना जाता है। लेकिन इस रंग को प्यार का रंग भी कहा जाता है। कहा जाता है कि लाल रंग को प्रेम में बदलने का काम ग्रीक समुदाय द्वारा किया गया था।
दरअसल, इसके पीछे का कारण है लाल रंग को प्यार के रंग में बदलने का काम ग्रीक समुदाय के द्वारा किया गया था। दरअसल, इसके पीछे का कारण था एक कविता ''रेमन डी ला रोज'', जो उस दौर में काफी फेमस हुई थी। उस कविता के अनुसार एक व्यक्ति लाल रंग के गुलाब की खोज में निकला था और उसी दौरान उन्हें अपनी जीवन साथी मिल गई।