Publish Date: Fri, 17 Apr 2020 (14:31 IST)
Updated Date: Fri, 17 Apr 2020 (14:44 IST)
इंदौर में पिछले दिनों एंबुलेंस नहीं मिलने के चलते एक्टिवा पर मरीज की मौत के बाद अब प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में बीमार लोगों को हॉस्पिटल तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने ओला के साथ मिलकर ओला एबुलेंस की सुविधा शुरु की है। कोई भी बीमार व्यक्ति ओला एप के जरिए इन एबुलेंस को बुक कर इलाज के लिए सीधे अस्पताल पहुंच सकता है।
इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने विशेष ओला एंबुलेंस सेवा के बारे में बताते हुए कहा कि वर्तमान में शहर 26 से 30 एबुलेंस और 108 है जो शहर की जनसंख्या के हिसाब से कम पड़ती रही है। इस बीच कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई जिसके बाद लगा कि लोगों को कोरोना संकट के समय में ज्यादा असुविधा हो रही है। इसके बाद प्रशासन ने पहल करते हुए ओला और उबर से बात की और आज ओला ने पचास एंबुलेंस दे दी है। यह अलग अलग लोकेशन में रहेगी।
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि बीमार व्यक्ति इसके लिए बनाए गए कंट्रोल रुम नंबर 2363009 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस की सेवा ले सकते है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कोरोना संक्रमण के लोग समय पर इलाज के लिए समाने आ जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इसके लिए पूरी तरह तैयारी कर ली है।
इस पूरी व्यवस्था का समन्वय कर रहे IAS चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि 50 ओला टैक्सियां अब एंबुलेंस के रूप में चलेगी। इन ओला एंबुलेंस के जरिए कोरोना स्क्रीनिंग के बाद मरीजों को ग्रीन हॉस्पिटल से यलो हॉस्पिटल में शिफ्ट भी किया जा सकेगा। इसके साथ ही इन एंबुलेंस को ओला एप के जरिए वह मरीज भी बुक कर सकते है जिनके पास इमरजेंसी में हॉस्पिटल तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं मौजूद है।
ओला एंबुलेंस के दुरुपयोग और सुरक्षा के लिए इनको सीधे कंट्रोल रुम से जोड़ा जाएगा जहां से इनकी लगातार निगरानी होगी। खास बात ये है कि इन ओला एंबुलेंस को केवल हॉस्पिटल तक के लिए बुक कर सकेंगे। अगर कोई व्यक्ति इनके दुरुपयोग करने की कोशिश करेगा या इनको निर्धारित रूट से अलग लेकर जाएगा जो उसकी रिपोर्ट सीधे कंट्रोल रुम को मिल जाएगी।
इन ओला एंबुलेंस के ड्राइवर को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए प्रशासन ने इनको पीपीपी किट मुहैया कराई है इसके साथ ड्राइवर को खुद को संक्रमण से बचाने के लिए और गाड़ी को सैनेटाइज करने की विशेष तौर ट्रैनिंग भी दी गई है।
एक्टिवा पर मौत के बाद जागा प्रशासन – बीते मंगलवार को कोरोना के हॉटस्पॉट बने इंदौर में एक ऐसी घटना सामने आई थी जिसने इंदौर से लेकर भोपाल तक हलचल मचा दी थी। शहर के कमला नेहरू इलाके में रहने वाले पांडुरंगा की तबियत अचानक से बिगड़ने पर उनको एंबुलेंस नहीं मिलने पर परिजन एक्टिवा से लेकर अस्पताल पहुंचे थे जहां इलाज मिलने से पहले उनकी मौत हो गई थी। वेबदुनिया ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया था वहीं खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए थे।