मप्र में मिली हार के बाद लोकसभा चुनाव में बीजेपी काट सकती है इन दि‍ग्गजों का टिकट

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद अब पार्टी के सामने लोकसभा चुनाव बड़ी चुनौती बन गए हैं। 2014 में मोदी लहर और मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते हुए भाजपा ने कांग्रेस का सफाया करते हुए 29 लोकसभा सीटों में से 27 पर कब्जा कर लिया था। भाजपा विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब बड़े पैमाने पर अपने मौजूदा सांसदों के टिकट काटने की तैयारी कर रही है।


केवल कमलनाथ और सिंधिया के गढ़ को भाजपा भेदने से चूक गई थी। बाद में पार्टी ने उपचुनाव में झाबुआ सीट भी खो दी थी, वहीं इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी परिदृश्य एकदम भिन्न है। 2019 के लोकसभा चुनाव में न तो 2014 जैसी मोदी लहर है और न ही सूबे में भाजपा सरकार। ऐसे में भाजपा के सामने लोकसभा चुनाव में फतह हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं है। भाजपा विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब बड़े पैमाने पर अपने मौजूदा सांसदों के टिकट काटने की तैयारी कर रही है।

भाजपा विधानसभा चुनाव लड़ने वाले और खराब परफॉर्मेंस करने वाले सांसदों के टिकट काट कर उनकी जगह नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी करीब एक दर्जन सीटों पर अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है। पार्टी ने भोपाल, इंदौर, विदिशा, मुरैना, सागर, खजुराहो, देवास, होशंगाबाद, उज्जैन, मंदसौर-नीमच, उज्जैन संसदीय सीटों पर अपने चेहरे बदलने की तैयारी है।

पार्टी विधानसभा चुनाव में हारने वाले मुरैना सांसद अनूप मिश्र और सागर सांसद लक्ष्मीनारायण यादव की खराब परफॉर्मेंस और उनके बेटे सुधीर यादव के चुनाव हारने के बाद उनके टिकट काटने की तैयारी में है। ठीक इसी तरह पार्टी खजुराहो सांसद नागेन्द्र सिंह और देवास सांसद मनोहर ऊंटवाल के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद अब उनकी जगह लोकसभा चुनाव में पार्टी नए चेहरे को मौका देगी।

इसके साथ बीजेपी की परंपरागत सीट भोपाल और विदिशा से भी पार्टी इस बार नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है। विदिशा सीट से मौजूदा सांसद और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पहले ही 2019 का लोकसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में पार्टी विदिशा संसदीय सीट से किसी बड़े चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। भोपाल सांसद आलोक संजर, होशंगाबाद सांसद राव उदय प्रताप, उज्जैन सांसद चिंतामण मालवीय, मंदसौर-नीमच सांसद सुधीर गुप्ता की परफॉर्मेंस को लेकर पार्टी में सवाल है। ऐसे में इन सीटों पर पार्टी नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है।

इंदौर सीट से सांसद और वर्तमान में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी कई बार लोकसभा चुनाव न लड़ने के संकेत दिए हैं। ऐसे में सुमित्रा महाजन की जगह पार्टी किसी बड़े नेता को इस सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है। दूसरी ओर विधानसभा चुनाव में पार्टी को मालवा निमाड़ में मिले बड़े झटके के बाद अब इस इलाके से कई सांसदों के दोबारा चुनाव मैदान में उतरने पर सवाल उठ खड़े हो गए हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह नए सिरे से सांसदों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर कर रहे हैं जिसके आधार पर इन सांसदों के भविष्‍य का फैसला होगा।

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