Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

CM डॉ. मोहन यादव ने किया विक्रमोत्सव का शुभारंभ, कहा- मौत और डर से परे थे राजा विक्रमादित्य

Advertiesment
हमें फॉलो करें CM डॉ. मोहन यादव ने किया विक्रमोत्सव का शुभारंभ, कहा- मौत और डर से परे थे राजा विक्रमादित्य
उज्जैन/भोपाल , बुधवार, 26 फ़रवरी 2025 (22:50 IST)
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 फरवरी को उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने राजा विक्रमादित्य को याद किया। उन्होंने उज्जैन के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उज्जैन ही कालगणना की नगरी है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन से हुई। दीप प्रज्जवलन से पहले कलाकारों ने डमरू-मंजीरे-ढोल लेकर कार्यक्रम भी पेश किए।

इस मौके पर मंच पर केंद्रीय पर्यटन-संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत और पद्मश्री से सम्मानित कलाकार शिवमणि भी मौजूद थे। विक्रमोत्सव का आयोजन उज्जैन के दशहरा मैदान पर किया जा रहा है। इस साल यह उत्सव 125 दिन चलेगा। यानी, इसका समापन 30 जून को होगा। इस विक्रमोत्सव के तहत कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विक्रम व्यापार मेला, हथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी, उज्जैनी नाटक एवं नृत्य समारोह, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी एप का लोकार्पण, शिव की कलाओं का शिवार्चन, अनादि पर्व, आदि शोध संगोष्ठी, आदि शिल्प वस्त्र उद्योग, विक्रमादित्य का न्याय वैचारिक समागम शामिल हैं। ये आयोजन उज्जैन के साथ-साथ इंदौर-भोपाल-दिल्ली में भी आयोजित किए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान राम-लक्ष्मण, भगवान कृष्ण-बलराम की तरह ही राजा विक्रमादित्य-भर्तृहरि की जोड़ी है। इस जोड़ी ने देश के साथ-साथ विश्व को परंपरा-संस्कृति-न्याय की दशा दिखाई। राजा विक्रमादित्य का नाम लेते ही न्याय-वीरता-दानशीलता-शौर्य-पराक्रम-दयालुता-सुशासन की कल्पना अपने आप होने लगती है। हर शासक चाहता है कि वह राजा विक्रमादित्य की तरह बने।

राजा विक्रमादित्य के बारे में पूरा देश जानता है। कई देशों में राजा विक्रमादित्य की पहचान है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमने वैदिक घड़ी की स्थापना की है। आज का विज्ञान भी उज्जैन की गणना को मानता है। पूरे विश्व में कालगणना की कोई नगरी है, तो वह उज्जैन ही है। राजा विक्रमादित्य मौत और डर से परे थे। इस मौके पर उन्होंने राजा विक्रमादित्य के सिंहासन बत्तीसी का कहानी भी बताई। 
webdunia
राजा विक्रमादित्य की कहानियों ने संस्कार दिए- केंद्रीय मंत्री शेखावत
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि विक्रमोत्सव के लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन करता हूं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे विक्रमोत्सव में आने का मौका मिला। मैं ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की सफलता के लिए भी सीएम डॉ. यादव को बधाई देता हूं। उज्जैन की धरती पवित्र है। उज्जैन की धरती ने सनातन को अवलंबन किया है। सम्राट विक्रमादित्य पहले स्वतंत्रता सेनानी थे।

उन्होंने भारत की संपदा, संस्कृति, परंपरा को विश्व को दिखाया। उन्होंने सनातन पर आक्रमण करने वाले आक्रांताओं का विरोध करना शुरू किया। सम्राट विक्रमादित्य का शौर्य-न्याय-वीरता की चर्चा देशभर में होती है। उनकी सिंहासन बत्तीसी कहानियां सुनाकर बच्चों को संस्कार दिए जाते थे। डॉ. सीएम यादव ने उत्सव को व्यापार-व्यवसाय से जोड़ दिया। इस विक्रमोत्सव के लिए उनका अभिनंदन।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ 2025 में कुल कितने श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, CM योगी ने बताया आंकड़ा