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जोशी को मनाने पहुंचे विजयवर्गीय, कहा- समय आने पर सब पता चल जाएगा

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कुंवर राजेन्द्रपालसिंह सेंगर

बागली (देवास)। शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं कुशल रणनीतिज्ञ कैलाश विजयवर्गीय देवास पहुंचे और उपचुनाव के चलते भाजपा संगठन में उपज रहे राजनीतिक संकट को हल करने का प्रयास किया।
 
विजयवर्गीय ने पूर्व स्कूल एवं तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी से उनके घर जाकर मुलाकात की। बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के अनुरोध पर विजयवर्गीय जोशी से मिलने के लिए पहुंचे। दोनों नेताओं के मध्य पहले बंद कमरे में बैठक हुई। बाद में सिंधिया के समर्थन में कमलनाथ सरकार की विधायकी से त्यागपत्र देने वाले पूर्व कांग्रेसी विधायक मनोज चौधरी भी जोशी के घर पहुंचे।
 
ज्ञात हो कि चौधरी भी दो दिन पहले ही इंदौर जाकर विजयवर्गीय से मिले थे और उसे सौजन्य भेंट का नाम दिया था। विजयवर्गीय जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेता और गृहमंत्री अमित शाह के नजदीकी माने जाने वाले नेता का इस प्रकार देवास आना यह बताने के लिए काफी है कि जो कहा और दिखाया जा रहा है मामला उससे कहीं अधिक गंभीर है।
 
कुछ देर तक विजयवर्गीय और जोशी के बीच एकांत में मंत्रणा हुई। चौधरी के पहुंचने पर कोरम की संख्या 3 हुई और बाद में भजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती और जिला अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल भी बैठक में शामिल हुए।
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BJP Leader Kailash Vijayvargiya
सभी 24 सीट जीतेंगे : मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि दीपकजी का आदेश था, इसलिए मिलने आया था। जनसंघ की शुरुआत ही दीपक से हुई थी। दीपक के बिना भाजपा की कल्पना भी नहीं कि जा सकती है, इसलिए दीपक को मनाने की जरूरत नहीं है। उनसे जब पूछा गया कि 'ऑल इज वेल' तो वे हंस दिए।
 
उनसे जब पूछा गया कि बंद कमरे में क्या चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि चुनाव है इसलिए आगामी चुनाव के बारे में जितनी भी रणनीतिक चर्चा थी सभी लोगों से बैठकर की। उन्होंने कमलनाथ सरकार पर सभी वर्गों के साथ धोखाधड़ी व छलावा करने का आरोप लगाते हुए उपचुनाव की सभी 24 सीटें जितने का दावा किया। हाटपिपल्या के संभावित उम्मीदवार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि करीब-करीब उम्मीदवार तय है। समय आने पर पता चलेगा। 
 
कद्दावर नेता हैं जोशी : जोशी पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के पुरोधा रहे स्व. कैलाश जोशी के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं। साथ ही एक बार बागली और 2 बार हाटपिपल्या से विधायक रहने के साथ-साथ शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे हैं। बागली और हाटपिपल्या के पहले चुनाव में उन्होंने क्रमशः कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम होलानी व पूर्व विधायक राजेन्द्रसिंह बघेल को पराजित कर कांग्रेस के कब्जे से यह सीटें छीनी थीं। 
 
कहा था कि चौधरी के साथ रहेंगे : मार्च महीने की शुरुआत में जब प्रदेश में राजनीतिक गतिरोध जारी था और चौधरी सिंधिया के समर्थन में त्यागपत्र देने वाले विधायकों के साथ बेंगलुरु में थे। उस समय जोशी ने उपचुनावों में चौधरी का समर्थन करने की बात कही थी। बाद में प्रदेश में फिर एक बार शिवराज सरकार का गठन हुआ और चौधरी विधायकी छोड़ने वाले अन्य पूर्व विधायकों के साथ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने भाजपा में शामिल हो गए। उसके बाद दोनों नेताओं के संबंधों में वह तीव्रता भी नहीं रही।
 
कहा जा रहा है कि चौधरी पूर्व देविप्रा अध्यक्ष रायसिंह सैंधव के साथ नजदीकी बढ़ा रहे हैं। यही बात जोशी व उनके मध्य दूरियों का कारण बन रही है। साथ ही जोशी अपने समर्थकों को लेकर भी एकदम सक्रिय हुए हैं। बताया जाता है कि जोशी ने संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों के सामने खुले तौर पर कहा था कि विधानसभा चुनावों में न तो मैं हारा और न ही पार्टी हारी थी। मुझे तो खाती बाहुल्य क्षेत्रों में मत मिले थे, लेकिन मुझे षड्यंत्रपूर्वक हराया गया। इसके चलते मुझे पार्टी के ही सैंधव और पाटीदार समाजों के वोट नहीं मिले थे।
 
वीडी शर्मा व सुहास भगत से की थी मुलाकात : हालांकि यह तय ही था कि जिन पूर्व विधायकों के त्यागपत्र से फिर से भाजपा ने प्रदेश में वापसी की थी। उन्हें उपचुनावों में अवसर मिलेगा। लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में जोशी भी अपने लिए राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए विवश हुए थे। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और मध्यप्रदेश प्रभारी सुहास भगत से भी मुलाकात की थी। साथ ही स्थानीय मीडिया के सामने सभी विकल्प खुले होने की बात कही थी। तब से ही यह माना जा रहा है कि जोशी नाराज हैं। 
 
दोनों नेता है इंस्टाग्राम पर सक्रिय : जोशी पिछले दिनों अपने समर्थक बागली विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे के साथ बागली और हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर रहे थे। उधर चौधरी हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण और कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करने में व्यस्त थे। साथ ही समस्याओं को लेकर दोनों ने अन्य नेताओं के साथ ज़िला कलेक्टर से मुलाकात की थी और खस्ताहाल चापड़ा-नेवरी फाटा सड़क का भूमिपूजन भी किया था। दोनों ही अपनी गतिविधियों को इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर रहे हैं। (चित्र- देवास में जोशी के निवास पर विजयवर्गीय, जोशी, खंडेलवाल और चौधरी।

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