Publish Date: Mon, 24 Jun 2019 (08:14 IST)
Updated Date: Mon, 24 Jun 2019 (08:16 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास में चमकी बुखार का कथित तौर पर संदिग्ध मामला सामने आने के बाद सरकार सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में इस जानलेवा बीमारी की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
सरकार ने देवास में बच्चे की मौत चमकी बुखार से होने की बात को भी सिरे से खारिज कर दिया है। इंदौर जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक देवास जिले से जिस बच्चे को एमवाय अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था, उसमें चमकी बुखार के कोई भी लक्षण नहीं पाए गए थे।
इसके साथ-साथ सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि अभी तक प्रदेश चमकी बुखार का कोई भी मामला या इस बीमारी का कोई भी लक्षण अभी तक प्रदेश में सामने नहीं आया है।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिया है कि इस बीमारी के लक्षण का कोई भी मामला संज्ञान में आने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाए और कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वस्थ्य विभाग के अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार से जिस भी साधन-संसाधन की आवश्यकता है, तुरंत बताया जाए। प्रदेश के सारे अस्पतालों को सूचित किया जाए कि इस बीमारी के लक्षण का कोई भी मामला सामने आने पर तुरंत जानकारी दी जाए।
इस बीमारी के लक्षण यदि किसी भी मरीज़ में पाए जाते हैं तो तत्काल उसकी सूचना देकर आवश्यक सारे क़दम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से भी कहा है कि इस बीमारी को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार इसको लेकर गंभीर व चिंतित है।