Publish Date: Wed, 21 Aug 2019 (07:47 IST)
Updated Date: Wed, 21 Aug 2019 (13:06 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का हृदयगति रुकने से निधन हो गया है। वे 89 साल के थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मंगलवार शाम उनकी तबीयत और गंभीर हो गई थी। मिली जानकारी के अनुसार ब्लड प्रेशर कम होने के साथ पल्स रेट भी गिर गया था।
बाबूलाल गौर की पार्थिव देह 12.30 बजे उनके निवास से प्रदेश भाजपा कार्यालय के लिए रवाना होगी, जहां भाजपा कार्यकर्ता और नागरिक उनके अंतिम दर्शन करेंगे। तत्पश्चात उनकी अंतिम यात्रा भोपाल के सुभाष नगर विश्राम घाट की ओर रवाना होगी। दोपहर 2 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वे पिछले 14 दिनों से भोपाल के नर्मदा अस्पताल में भर्ती थे और वेंटीलेटर सपोर्ट पर थे। यहीं आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी किडनी भी पूरी तरह से काम नहीं कर रही थी।
जीवनी : बाबूलाल गौर का जन्म 2 जून, 1930 को नौगीर ग्राम, प्रतापगढ़ ज़िला (उत्तरप्रदेश) में हुआ था। वे बचपन से ही भोपाल में रहे। इनके पिता का नाम श्री रामप्रसाद था। बाबूलाल गौर ने अपनी शैक्षणिक योग्यताओं में बीए और एलएलबी की डिग्रियां प्राप्त की हैं। गौर पहली बार 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जनता समर्थित उम्मीदवार के रूप में निर्दलीय विधायक चुने गये थे।
वे 7 मार्च, 1990 से 15 दिसम्बर, 1992 तक मध्यप्रदेश के स्थानीय शासन, विधि एवं विधायी कार्य, संसदीय कार्य, जनसम्पर्क, नगरीय कल्याण, शहरी आवास तथा पुनर्वास एवं 'भोपाल गैस त्रासदी' राहत मंत्री रहे। एक बड़ा दिलचस्प वाकया बाबूलाल गौर के साथ 2003 के चुनाव में जुड़ा हुआ था।
बताया जाता है कि उनका टिकट करीब-करीब कट गया था। केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष अटलबिहारी वाजपेयी ने जब उनके पिछले रिकॉर्ड को देखा तो उनके हस्तक्षेप से बाबूलाल गौर को फिर से टिकट मिल गया। इतना ही नहीं, इस दौरान बाबूलाल गौर ही मुख्यमंत्री बने। वे 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।