Publish Date: Mon, 09 Mar 2020 (20:00 IST)
Updated Date: Mon, 09 Mar 2020 (20:13 IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार बड़े संकट में फंस गई है। राज्यसभा चुनाव को लेकर शुरु हुई पार्टी में गुटबाजी अब अपने चरम पर पहुंच गई है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों और विधायकों के अचानक से लापता होने और उनके बेंगलुरु में होने की खबर के बाद अब सबकी नजर ज्योतिरादित्य सिंधिया पर टिक गई है।
इस बीच सिंधिया के दिल्ली में अपने घर से अकेले बाहर निकले और कुछ देर बाद फिर घर पहुंच गए। इस बीच सिंधिया के पीएम मोदी से मुलाकात करने की भी खबरें भी सामने आ रही है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सिंधिया की चुप्पी और बेंगलुरु में उनके समर्थक विधायकों के होने से अब कांग्रेस में अब दो फाड़ होने का खतरा बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री निवास पर आपात बैठक : सूबे की सियासत में तेजी से बदले घटनाक्रम के बीच दिल्ली से अचानक भोपाल लौटे मुख्यमंत्री कमलनाथ मुख्यमंत्री निवास पर बड़ी बैठक कर रहे है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ कमलनाथ कैबिनेट के कई सीनियर मंत्री मौजूद है। इसके साथ मुख्यमंत्री निवास पर मुख्य सचिव समेत खुफिया विभाग के बड़े अधिकारी भी मौजूद है। इस बैठक को कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा खेमे में सक्रियता : इधर तेजी से बदले घटनाक्रम में भाजपा खेमे में सक्रियता बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान होली के दिन सबुह भोपाल लौट रहे है। उधर तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच भाजपा ने होली के दिन शाम सात बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है।