Publish Date: Tue, 30 Aug 2016 (12:46 IST)
Updated Date: Tue, 30 Aug 2016 (12:54 IST)
मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि कहीं जनाजा पानी में तैरकर ले जाया जाता है तो कहीं प्रसव के लिए जननी को साइकिल पर लाया जाता है। इन सब बातों से लोगों में असंतोष भी है।
सागर जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं नवनियुक्त भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप लारिया के विधानसभा क्षेत्र की स्थिति ठीक नहीं है।
ताजा मामला कर्रापुर गांव का है, जहां ईशाक अली की पुत्री का बीमारी के चलते निधन हो गया था। सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि जनाजा कब्रिस्तान तक कैसे ले जाया जाए क्योंकि कब्रिस्तान बांकरई नदी के उस पार बना है।
बारिश के समय में पुल के अभाव में कब्रिस्तान का रास्ता जोखिम भरा रहता है। इसके बाद जनाजे को नदी में तैरकर उस पार बने कब्रिस्तान में ले जाने का जोखिम उठाते हैं।
इस बार भी ऐसा ही हुआ, लोग तैरकर जनाजा कब्रिस्तान तक ले गए। बावजूद इसके विधायक लारिया का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है, जबकि वे 8 साल से विधायक हैं। हालांकि नाराज गांववालों ने जब लारिया से मुलाकात की तो विधायक ने ग्रामवासी और मुस्लिम समाज के लोगों को आश्वस्त किया कि इसका हर हाल में निराकरण कराएंगे।
दूसरा मामला छतरपुर के बक्सवाहा का है, जहां जननी को प्रसव पीड़ा के दौरान साइकिल पर सवार होकर आना पड़ा।
दरअसल, यहां जननी वाहन को ठेकेदार ने बंद कर दिया है। जिससे पिछले महीने से ही यह हालात बन गए हैं।
ताजा मामला पार्वती (26) पति महेश आदिवासी निवासी पाली का है, जो अपने मायके ग्राम शहपुरा आई थी। अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उसके पिता नन्हेभाई आदिवासी ने जननी एक्सप्रेस पर फोन लगाया तो पता चला कि पिछले एक माह से जननी ठेकेदार द्वारा बंद कर दी गई है। 108 पर फोन लगाने पर पता चला कि वो कहीं कॉल पर गई है।
बेटी की प्रसव वेदना देख पिता से रहा नहीं गया और बेटी को साइकिल पर पीछे बैठाकर पैदल ही चल पड़े। साइकिल के सहारे पिता 6 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आया, जहां पार्वती ने अपने प्रथम पुत्र को जन्म दिया।
उल्लेखनीय है कि पिछड़े बुंदेलखंड में इस तरह की स्थिति अक्सर देखने को मिल जाती है मगर पार्वती के मामले में पिता की सूझबूझ से जच्चा और बच्चा दोनों की जान बच गई।