Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

उज्जैन के महाकाल मंदिर में हादसा, गुलाल उड़ाते ही भस्म आरती के दौरान लगी आग, 13 पुजारी झुलसे

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

हमें फॉलो करें उज्जैन के महाकाल मंदिर में हादसा, गुलाल उड़ाते ही भस्म आरती के दौरान लगी आग, 13 पुजारी झुलसे

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, सोमवार, 25 मार्च 2024 (09:15 IST)
उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भ गृह में सोमवार को भस्म आरती के दौरान आग लग गई, जिससे 13 पुजारी घायल हो गए। उज्जैन के जिलाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भस्म आरती के दौरान आग लगने की घटना हुई, जिसमें गर्भगृह के अंदर मौजूद 13 पुजारी झुलस गए। उन्होंने बताया कि घायल पुजारियों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आग लगने की घटना में घायल हुए लोगों के हाल-चाल फोन पर जाने।
 
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान गुलाल फेंके जाने के दौरान लगी। अधिकारी ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। मंदिर में आग की घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात की। 
कैसे लगी आग : मीडिया खबरों के मुताबिक गर्भगृह की दीवार और छत पर चांदी की परत चढ़ी हुई है। होली पर बाबा महाकाल गुलाल चढ़ाया जाता है वह पुजारी भी एक-दूसरे पर रंग डालते हैं। 
इन रंगों से गर्भगृह की दीवार खराब न हो इसलिए शिवलिंग के ऊपर इस वर्ष प्लास्टिक का फ्लेक्स लगाया गया था।
 
गर्भगृह में एक-दूसरे पर रंग डालने के दौरान गुलाल आरती की थाल में जल रहे कपूर पर गिर गया जिससे कपूर भभका और फ्लैक्स ने आग पकड़ ली, हालांकि आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया गया।

फूलों की होली से शुरुआत : विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर के आंगन में रविवार शाम को ही होली पर्व की शुरुआत हो गई थी। संध्या आरती में हजारों भक्तों ने बाबा महाकाल के साथ गुलाल से होली खेली थी। इसके बाद महाकाल प्रांगण में होलिका दहन किया गया था। रविवार को भस्म आरती में भक्तों ने 51 क्विंटल फूलों के साथ होली खेलकर पर्व की शुरुआत की थी।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

JNUSU Election Results 2024 : जेएनयू में फिर लहराया लाल झंडा, वाम संगठनों का क्लीन स्वीप, 30 बाद मिला पहला दलित अध्यक्ष