Publish Date: Sun, 16 Oct 2016 (15:24 IST)
Updated Date: Sun, 16 Oct 2016 (17:32 IST)
कोपर्डी में मराठा समाज 14 वर्षीय नाबालिग लड़की से बलात्कार और फिर उसकी निर्ममता पूर्वक हत्या से आहत मराठा समाज का विरोध प्रदर्शन अब महाराष्ट्र की सीमा के बाहर पहुँच चुका है। 16अक्टूबर को मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर की सड़के मराठा मूक मोर्चे की गवाह बनी। एक अनुमान के तहत इस मूक मोर्चे में करीब 15 हजार मराठा लोगों ने भाग लिया। राजबाड़ा पर बनाए गए मंच से मराठा समाज ने कोपर्डी घटना की कड़ी निंदा की साथ ही समाज के वक्ताओं ने मराठा आरक्षण और दलित एट्रोसिटी अधिनियम में बदलाव संबधी मांगो को बार बार दोहराया गया।
देवी की अहिल्या की प्रतिमा को माल्यार्पण के साथ मोर्चा शहर के विभन्न मार्गों से होता हुआ जिलाधीस कार्यालय पर ज्ञापन देने के साथ समाप्त हुआ। रैली में महिलाओं एवं बच्चों की सहभागिता देखते ही बन रहीथी। पारम्परिक वेशभूषा में सजे यूवक युवतियाँ आनायास सभी का ध्यान खिंच रहे थे। रैली पूरी तरह अनुशासन में थी और इस बात की पूरी व्यवस्था थी कि शहर का यातायात प्रभावित न हो।
मोर्चे में कई महिलाओं के हाथ में छोटे छोटे दूधमँहे बच्चे भी थे। कई वृद्ध पुरूष और महिलाओं में युवाओं की तरह का जोश दिख रहा था। असली चमक युवाओं के चेहरे पर थी उन्हें ये लग रहा था कि उनका ये शांतिप्रिय आंदोलन जरूर सफल होगा। और कोपर्डी के दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी साथ ही वे मराठा आरक्षण को लेकर काफी उत्साहित नजर आए।
आंदोलन में प्रमुखता से सहभागिता कर रही स्वाति युवराज काशिद ने कहा कि हमने जो प्रशासन को ज्ञापन सौंपा उसमें हमने मांग की है कि...
1. कोपर्डी के हत्यारों को जल्दी जल्दी फांसी हो
2. मराठा समाज को आरक्षण मिले
3.मध्यप्रदेश में कम से कम एक युनिवर्सिटी को माँ जीजा बाई या शिवाजी का नाम दिया जाए
4. इंदौर शहर में छत्रपति संभाजी राजे और माँ जीजा बाई का स्मारक बनाया जाएँ
5. अपराधिक घटनाओं में मराठा जाति का उल्लेख न करके अपराधियों के सरनेम का उपयोग किया जाएँ
6. अरब सागर में बनने वाली शिवाजी महाराज की प्रतिमा का कार्य जल्दी से जल्दी शुरू किया जाए।
भीका शर्मा
Publish Date: Sun, 16 Oct 2016 (15:24 IST)
Updated Date: Sun, 16 Oct 2016 (17:32 IST)