Publish Date: Thu, 22 May 2025 (18:18 IST)
Updated Date: Thu, 22 May 2025 (18:24 IST)
भोपाल। पांव पांव वाले भैया के नाम से राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार पदयात्रा करने जा रहे है। शिवराज सिंह चौहान 25 मई से अपने विदिशा संसदीय क्षेत्र में ऐतिहासिक पदयात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यात्रा सप्ताह में दो से तीन दिन चलेगी।
25 मई से शुरु हो रही इस पदयात्रा में शिवराज सिंह प्रतिदिन 20 से 25 किमी की पदयात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे। पदयात्रा में शिवराज सिंह रात गांव में बिताएंगे। यह पदयात्रा निरंतर चलेगी और प्रारंभ में विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में यात्रा निकलेगी।
पदयात्रा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचकर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करेंगे। इस यात्रा के माध्यम से वे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन तथा सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारेंगे।
यात्रा को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और समग्र विकास की ओर अग्रसर है। मेरी पदयात्रा का उद्देश्य है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और हर गाँव, हर किसान, हर महिला सशक्त बने। इसके लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएँ, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुँचाई जाएगी।
यात्रा के दौरान शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। इसमें स्थानीय भागीदारी भी रहेगी। साथ ही, कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, किसान संगठन, महिला मंडल आदि को भी यात्रा में शामिल कर सबकी सहभागिता की जाएगी और योजनाओं के प्रभाव को व्यापक बनाया जाएगा।