Publish Date: Mon, 20 May 2019 (17:35 IST)
Updated Date: Mon, 20 May 2019 (17:44 IST)
मध्यप्रदेश की अल्पमत कमलनाथ सरकार को गिराने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री नाथ ने भी अपनी सरकार बचाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। लोकसभा चुनाव को लेकर आए एग्जिट पोल के नतीजों के बाद कांग्रेसी खेमे में बेचैनी साफ देखी जा रही है, जबकि विपक्षी भाजपा हमलावर मुद्रा में आ गई है।
ऐसा माना जा रहा है कमलनाथ अपने सभी मंत्रियों से इस्तीफे लेकर नए सिरे से मंत्रिमंडल का गठन जल्द ही कर सकते हैं। नए मंत्रिमंडल में वे सपा-बसपा विधायकों के साथ ही निर्दलीय और असंतुष्टों को मंत्री बना सकते हैं। क्योंकि सपा और बसपा के विधायक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से नाराज हैं और गाहे-बगाहे सरकार पर हमला करते रहते हैं।
ऐसा भी माना जा रहा है कि यदि लोकसभा चुनाव के परिणाम एग्जिट पोल के अनुरूप ही आए तो भाजपा राज्य की कमलनाथ सरकार को गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हालांकि भाजपा की ओर से इस तरह की बयानबाजी सरकार बनने के साथ ही शुरू हो गई थी। हालांकि कमलनाथ की पूरी कोशिश है कि असंतुष्टों को साधकर भाजपा के इस खेल को पूरी तरह नाकाम कर दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी कहा है कि कमलनाथ सरकार जल्द ही गिर जाएगी। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।