Miscellaneous Urdu 30
Select Your Language
हिन्दी
Hindi
English
English
தமிழ்
Tamil
मराठी
Marathi
తెలుగు
Telugu
മലയാളം
Malayalam
ಕನ್ನಡ
Kannada
ગુજરાતી
Gujarati
Notifications
Install App
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
फीफा विश्वकप
इंदौर
खाटू श्याम बाबा
श्रीमद्भगवद्गीता
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
श्रीरामचरितमानस
मध्यप्रदेश
धर्म संग्रह
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
फीफा विश्वकप
इंदौर
खाटू श्याम बाबा
श्रीमद्भगवद्गीता
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
श्रीरामचरितमानस
मध्यप्रदेश
धर्म संग्रह
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
Advertiesment
किसको हम आवाज़ दिया करते हैं
जब नहीं तुम ही, तो फिर रात के सन्नाटे में कौन, किसको हम आवाज़ दिया करते हैं - मजरूह सुल्तानपुरी
इक राह तका करते हैं
ऐसी एक राह पे, जिससे न वो गुज़रेंगे कभी यूँ ही बैठे हुए इक राह तका करते हैं - मजरूह सुल्तानपुरी
दरिया को अपनी मौज की
दरिया को अपनी मौज की तुग़यानियों से काम कश्ती किसी की पार हो या दरमियाँ रहे
हरीफ़ों ने रपट लिखवाई है
अरीफ़ों ने रपट लिखवाई है जा-जा के थाने में
इक मोअम्मा है समझने का
इक मोअम्मा है समझने का न समझाने का
जो ग़म हद से ज़्यादा हो
जो ग़म हद से ज़्यादा हो, ख़ुशी नज़दीक होती है
एक मुद्दत से तेरी याद भी
एक मुद्दत से तेरी याद भी आई नहीं हमें
बहुत मुश्किल है
बहुत मुश्किल है दुनिया का समझना
उनका जो काम है वो
उनका जो काम है वो एहले सियासत जानें मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे
ऐ ग़मे-यार बता
ऐ ग़मे-यार बता कैसे जिया करते हैं, जिनकी तक़्दीर बिगड़ जाती है, क्या करते हैं - मजरूह सुल्तानपुरी
कम से कम दो दिल तो होते
कम से कम दो दिल तो होते इश्क़ में, एक रखते एक खोते इश्क़ में -----------मीर
ग़म कौन से ख़ाने में रखिए
ख़ुशी का रंग पैमाने में रखिए तो फिर ग़म कौन से ख़ाने में रखिए --- अख़्तर नज़मी
लेकिन ग़म जुदा होता नहीं
बच्चे उदास बैठे हैं
बच्चे उदास बैठे हैं पिंजरे के आसपास, जैसे समझ रहे हों परिन्दों की गुफ़्तगू ------- अख़्तर नज़मी
... तो फिर लहू क्या है
रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल, जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है - ग़ालिब
तुम्हें याद करने लगते हैं
तुम्हारी याद के जब ज़ख्म भरने लगते हैं किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।
इक आदमी की बड़ी कद्र है
इक आदमी की बड़ी कद्र है मेरे दिल में, भला तो वह भी नहीं मगर बुरा कम है - अख़्तर नज़मी
हम कभी जिए ही नहीं ...
आँख के आँसू तो पी गए
चेहरे से हो सके तो उदासी भी पोंछ लो, नज़मी तुम अपनी आँख के आँसू तो पी गए --- अख़्तर नज़मी
न समझने की ये बातें हैं
न समझने की ये बातें हैं न समझाने की ज़िंदगी उचटी हुई नींद है दीवाने की - फिराक़
Open App
X
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels