Publish Date: Mon, 02 Dec 2024 (08:43 IST)
Updated Date: Mon, 02 Dec 2024 (13:19 IST)
Best Paragliding Destination India: पैराग्लाइडिंग उन साहसिक खेलों में से एक है, जो हर एडवेंचर प्रेमी का सपना होता है। इसका मजा लेने के लिए आपको हिमाचल प्रदेश की बीड़ बिलिंग घाटी जरूर जाना चाहिए, जो एशिया की सबसे ऊंचाई वाली और बेहतरीन टेक आफ साइट के रूप में जानी जाती है। यहां का आकाश, जिसकी ऊंचाई और सुरक्षा इसे एक आदर्श जगह बनाती है, पूरी दुनिया से पैराग्लाइडिंग के शौकिनों को आकर्षित करता है। हिमाचल प्रदेश के बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग का आनंद लेने के लिए जानें कैसे आप सस्ते में इस रोमांचक अनुभव का हिस्सा बन सकते हैं।
बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग का अनुभव
पैराग्लाइडिंग के लिए बीड़ बिलिंग घाटी सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक है। यहां से उड़ान भरने के बाद आप 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक उड़ सकते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए ट्रेंड पायलट्स की मदद से टेंडम फ्लाइंग का अनुभव लेने का मौका मिलता है। बीड़ बिलिंग में नवंबर से दिसंबर के बीच पैराग्लाइडिंग का खास आकर्षण होता है, जब विभिन्न देशों से पैराग्लाइडर्स यहाँ आते हैं।
पैराग्लाइडिंग की कीमत और बुकिंग
बीड़ बिलिंग में 20 से 25 मिनट की पैराग्लाइडिंग उड़ान का शुल्क लगभग 2000-2500 रुपये होता है। इसके लिए आपको ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करनी होती है, ताकि आपकी उड़ान पूरी तरह से सुरक्षित और पंजीकृत हो। इसके बाद, एजेंसी आपको एक गाड़ी के जरिए बिलिंग तक लेकर जाएगी, और वहां से आपकी पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होगी।
जेन जी और युवाओं के लिए आदर्श स्थल
बीड़ बिलिंग में सबसे ज्यादा युवा पर्यटक पहुंचते हैं, खासकर जेनरेशन Z के लोग। इस जगह का आकर्षण केवल पैराग्लाइडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां साइक्लिंग, बंजी जंपिंग और स्काई साइक्लिंग जैसे अन्य साहसिक खेलों की भी शुरुआत हो चुकी है। स्थानीय रेस्तरां और कैफे में बैठकर युवा लोग पैराग्लाइडिंग का आनंद लेते हुए, खुले आसमान के नीचे चाय का मजा लेते हैं।
बीड़ बिलिंग कैसे पहुंचे?
बीड़ बिलिंग हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से बस सेवा उपलब्ध है। नजदीकी हवाई अड्डा गगल है, जो यहां से 70 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा, अंब ऊना और पठानकोट से भी ट्रेन द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
पैराग्लाइडिंग का इतिहास
1984 में बीड़ बिलिंग में पहली बार हैंगग्लाइडिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, और इसके बाद 1992 में यहां पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हुई। पैराग्लाइडिंग, हैंगग्लाइडिंग के मुकाबले काफी सुरक्षित है और इसके लिए विशेष नायलॉन के पंख का इस्तेमाल किया जाता है। पायलट के पास कंट्रोल डोरियों के माध्यम से उड़ान को नियंत्रित करने की सुविधा होती है।
बीड़ बिलिंग में रहने की व्यवस्था
बीड़ बिलिंग में रुकने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। यहां के होटल और गेस्ट हाउस 800 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक के रेंज में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, होम स्टे और कैम्पिंग साइट्स भी यहां के लोकप्रिय विकल्प हैं।
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