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मसूरी हिल स्टेशन, ऊंची-नीची पहाड़ियों और मनोरम घाटियों का अद्भुत नजारा

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अनिरुद्ध जोशी

हिल स्टेशन को मनोरम पहाड़ी इलाका कहते हैं। भारत में पहाड़ियों की विशालतम, लंबी, सुंदर और अद्भुत श्रृंखलाएं हैं। एक और जहां विध्यांचल, सतपुड़ा की पहाड़ियां है, तो दूसरी ओर आरावली की पहाड़ियां। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में एक से एक शानदार पहाड़ हैं, पहाड़ों की श्रृंखलाएं हैं और सुंदर एवं मनोरम घाटियां हैं। आओ जानते हैं भारत के टॉप हिल स्टेशनों में से एक मसूरी हिल स्टेशन के बारे में रोचक जानकारी।

 
मसूरी हिल स्टेशन : ( Mussoorie Hill Station ) :
 
1. मसूरी हिल स्टेशन उत्तराखंड राज्य का पर्वतीय नगर है। यह देहरादून से 35 किलोमीटर और दिल्ली-एनसीआर से लगभग 250 किलोमीटर दूर है। इसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है जो गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी है। मसूरी के एक ओर से गंगा नजर आती है तो दूसरी ओर से यमुना नदी। 
 
2. यहां पर दुर्लभ वनस्पतियां और जीव जंतु पाए जाते हैं। यहां के ऊंचे ऊंचे पहाड़ और हरी भरी छटा देखते ही बनती है। पतली घुमावदार सड़कें, हरे-भरे पेड़, दूर तक नजर आती ऊंची-नीची पहाड़ियां, एक ओर दूर नजर आते बर्फ से ढंके सफेद पहाड़, दूसरी ओर पहाड़ों की गोद में बने छोटे-छोटे घर यानी देहरादून शहर। यहां आकर कोई भी रोमांचित हो सकता है। हनीमून मनाने के लिए यह आदर्श स्थान है।
 
3. गर्मी के मौसम में दिन के समय हल्की गर्मी जरूर हो सकती है लेकिन यहां की मदमस्त कर देने वाली सुबह और शाम किसी को भी लुभा सकती है। यहां किसी भी समय बारिश का मौसम बन जाता है। यूं तो पूरे साल यहां का मौसम सुहाना रहता है लेकिन अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर के बीच आने वालों को और भी अच्छा मौसम मिलता है।
 
4. मसूरी शहर 1822 से बसना शुरू हुआ और आज तक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां का मॉल रोड घूमने और खरीदारी करने के लिए अच्छी जगह है। मॉल रोड आने वाले सैलानी यहां की गन हिल पहाड़ी देखने के लिए जरूर जाते हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व 1947 में लोगों को रोकने के लिए फायर करने के लिए इस पहाड़ी पर एक गन लगाई गई थी। तभी से इसका नाम गन हिल पड़ गया। लगभग 20 मिनट में पहाड़ी की चोटी पर पहुंचा जा सकता है। रोप-वे द्वारा 400 मीटर की चढ़ाई चढ़ने की व्यवस्था भी है। यहां से हिमालय पर्वत श्रृंखला के बंदेरपंच, श्रीकंठ, पीठवाड़ा व गंगोत्री के बेहतरीन नजारे देखे जा सकते हैं। 
 
5. मसूरी से 15 किलो मीटर की दूरी पर यमुनोत्री रोड पर कैंप्टी फॉल्स स्थित है। ऊंची पहाड़ियों से घिरा एक झरना है। मंसूरी आने वाले सैलानी इस झरने को देखने के लिए जरूर आते हैं। यहां एक छोटी सी कृत्रिम झील का निर्माण कराया गया है। म्यूनिसिपल गार्डन भी देखने लायक है। विभिन्न प्रकार के फूलों से सुसज्जित गार्डन लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। कंपनी बाग भी आकर्षण का केंद्र है। 
 
6. नाग देवता का मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मसूरी से छह किलो मीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर में हमेशा पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। यहां से दून वैली और मसूरी का नजारा देखना बेहद अच्छा लगता है। सुबह-शाम घूमने के लिए निकलने वालों के लिए कैमल बैक रोड पसंदीदा स्थान है। मसूरी आने वाले सैलानी यहां शाम के समय छिपता हुआ सूरज यानी 'सनसैट' देखने के लिए जरूरी आते हैं।

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