Publish Date: Sun, 27 Aug 2017 (20:32 IST)
Updated Date: Sun, 27 Aug 2017 (20:58 IST)
नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने रविवार को कहा कि आधार प्रणाली में डाटा सेंधमारी से बचाव के ठोस उपाय किए गए हैं। प्राधिकरण ने ऐसी खबरों को खारिज किया है कि कुछ विदेशी एजेंसियों ने आधार के बायोमीट्रिक डाटा तक कथित तौर पर पहुंचने का रास्ता बना लिया था।
प्राधिकरण का बयान विकीलीक्स उसी रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें उसने संकेत दिया है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए आधार के डेटाबेस तक पहुंचने का रास्ता कथित रूप से बना लिया था।
इन आरोपों का खंडन करते हुए प्राधिकरण ने कहा गया है कि आधार के लिए बायोमीट्रिक आंकड़ों को जुटाने की प्रणाली हमारे देश के भीतर ही विकसित की गई है और इसमें पर्याप्त और आधुनिक सुरक्षा फीचर हैं, जो किसी भी संभावित अनाधिकृत पहुंच या किसी भी प्रकार के बायोमीट्रिक डिवाइस में डाटा के ट्रांसमिशन को रोकने में सक्षम है।
प्राधिकरण ने कहा कि इस तरह की गलत खबरें निजी हितों के लिए फैलाई जा रही हैं। प्राधिकरण ने कहा कि आधार प्रणाली में उपयोग किया जाने वाला किसी भी तरह का बायोमीट्रिक उपकरण पूरी तरह आंतरिक जांच के बाद उपयोग किया जाता है और बाहर इस तरह के उपकरणों को मानक परीक्षण गुणवत्ता प्रमाण पत्र के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है।
अभी तक 117 करोड़ लोगों को आधार संख्या दी गई है और प्रतिदिन करीब 4 करोड़ आधार प्रमाणन किए जाते हैं। आज तक आधार के बायोमीट्रिक आंकड़े के रिसाव का एक भी मामला सामने नहीं आया है। (भाषा)