Publish Date: Thu, 02 Mar 2017 (22:47 IST)
Updated Date: Thu, 02 Mar 2017 (22:49 IST)
नई दिल्ली। रेलवे जल्द ही दलालों को थोक में टिकट बुक करने से रोकने, धोखाधड़ी वाली बुकिंग खत्म करने और फर्जी पहचान के मामलों पर रोक लगाने के लिए आधार आधारित ऑनलाइन टिकट प्रणाली की ओर कदम बढ़ाएगा।
एक अप्रैल से वरिष्ठ नागरिकों के लिए टिकटों पर रियायत पाने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए तीन महीने का प्रायोगिक परीक्षण चल रहा है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा आज 2017-18 के लिए नई व्यापार योजना जारी की गई। इसके मुताबिक, आधार आधारित टिकट प्रणाली के अलावा रेलवे देशभर में 6000 पॉइंट ऑफ सेल मशीनें और 1,000 स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें लगा कर नकदरहित टिकट प्रणाली की ओर कदम बढ़ाएगा।
मई तक एकीकृत टिकटिंग एप जारी की जाएगी ताकि नकदरहित लेन देन को बढ़ावा दिया जा सके। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आईआरसीटीसी की टिकट साइट पर पंजीकरण के लिए एक बार आधार संख्या की जरूरत पड़ेगी। इस कदम का लक्ष्य फर्जी पहचानों के आधार पर पंजीकरण कराने वालों दलालों को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि रेलवे इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है। (भाषा)