Publish Date: Tue, 02 May 2017 (07:28 IST)
Updated Date: Tue, 02 May 2017 (07:50 IST)
आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास पर पार्टी पर 'कब्जा' करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने सोमवार को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से इस्तीफा दे दिया।
पीएसी की बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि पार्टी नेतृत्व अपने मतभेद सार्वजनिक करने के लिए खान और विश्वास दोनों से ही नाराज है। उन्होंने कहा कि पीएसी ने खान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
सिसोदिया ने कहा, 'अरविंदजी कुमार और अमानतुल्लाह दोनों से ही नाराज हैं। पीएसी ने बैठक से विश्वास की अनुपस्थिति पर भी चर्चा की। वह साक्षात्कार देते हैं और वीडियो जारी करते हैं। पार्टी इसे लेकर भी नाखुश है।'
उप मुख्यमंत्री ने कहा, 'मुख्यमंत्री और अन्य नेता पार्टी मंच से बाहर दिए गए बयानों को लेकर नाराज हैं। अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह पार्टी नेतृत्व के समक्ष उसे उठा सकता है।' उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाक्रम से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ रहा है। उन्होंने पार्टी नेताओं को आगाह किया कि वे अपने मतभेद सार्वजनिक करने के बजाय उसे समुचित पार्टी फोरम पर उठाएं। उन्होंने कहा कि बस्सी ने ही तो झूठे कारणों से आप विधायकों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले आप के वरिष्ठ विधायकों ने ओखला से विधायक अमानतुल्ला खान को पार्टी से बाहर करने की मांग करते हुए कहा था कि जब तक उन्हें बाहर नहीं निकाला जाता तब तक वे चैन की सांस नहीं लेंगे।
समझा जाता है कि पार्टी के कुछ विधायकों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर करके पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें निष्कासित करने की अपील की है। पार्टी के पंजाब के विधायकों ने भी अलग से इसी तरह का पत्र लिखकर उन्हें हटाने की मांग की है।
पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा, इमरान हुसैन, द्वारका के विधायक आदर्श शास्त्री पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले विधायकों में शामिल हैं। हुसैन ने ट्वीट किया, 'अमानतुल्लाह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।'
खान ने आरोप लगाया था कि कुमार विश्वास आप पर 'कब्जा' करने और पार्टी का नेतृत्व करने का प्रयास कर रहे हैं जिसके बाद यह मामला सामने आया। इससे पहले विश्वास ने ईवीएम के मुद्दे पर केजरीवाल से मतभिन्नता जताई थी। (भाषा)