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एकीकृत सैन्य कमान को लेकर वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने आगाह किया

कहा- यह अच्छा विचार नहीं, हमें अमेरिका से प्रेरित होने की जरूरत नहीं

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Air Force Chief Amarpreet Singh
Air Force Chief Amarpreet Singh News: वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने ‘एकीकृत सैन्य कमान’ योजना को जल्दबाजी में लागू करने के प्रति मंगलवार को आगाह किया और सेना के तीनों अंगों के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष सैन्य अधिकारियों को शामिल करते हुए दिल्ली में एक संयुक्त योजना एवं समन्वय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव किया। सेना युद्ध महाविद्यालय में एक चर्चा के दौरान, वायुसेना प्रमुख ने प्रस्तावित एकीकृत सैन्य कमान का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय सब कुछ बाधित करते हुए एक नया ढांचा बनाना कोई अच्छा विचार नहीं है।
 
वायुसेना प्रमुख की यह बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाए जाने के साढ़े तीन महीने बाद आई है, जिसने तीनों सेनाओं (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के बीच तालमेल को प्रदर्शित किया था। अपने संबोधन में, सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन ने एक बार फिर वायु शक्ति की ‘श्रेष्ठता’ स्थापित की। साथ ही, उन्होंने 7 से 10 मई तक पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष के दौरान सेना के तीनों अंगों के समन्वय को भी रेखांकित किया।
 
सीडीएस ने ऑपरेशन सिंदूर में अच्छी भूमिका निभाई : वायुसेना प्रमुख ने कहा कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ‘बहुत बड़ी भूमिका’ निभाई। उन्होंने बताया कि कैसे जनरल चौहान और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने ऑपरेशन की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए साथ मिलकर काम किया।
 
उन्होंने कहा कि मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना ​​है कि दिल्ली में एक संयुक्त योजना और समन्वय केंद्र होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे ‘चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी’ के निर्देशों के अधीन रखा जाना चाहिए, जो संयुक्त रूप से जारी किए जा सकते हैं। सिंह ने कहा कि ‘केंद्रीय रूप से योजनाबद्ध’ निर्णयों को विकेंद्रीकृत ढांचे के तहत क्रियान्वित किया जा सकता है। ‘यह बखूबी काम करेगा।’ वायुसेना प्रमुख प्रस्तावित एकीकृत कमान पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
 
अमेरिका से प्रेरित नहीं होना चाहिए : उन्होंने कहा कि लेकिन हां, हम पहले इसी से शुरुआत कर सकते हैं, इसे लागू कर सकते हैं और देख सकते हैं कि यह कैसे आगे बढ़ता है। अगर हमें किसी और ढांचे की जरूरत पड़ी, तो हम इस पर विचार कर सकते हैं। लेकिन इस समय सब कुछ बदलकर एक ढांचा बनाना, मुझे नहीं लगता कि यह बहुत अच्छा विचार है। वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत को एकीकृत कमान स्थापित करने में अमेरिका जैसे किसी अन्य देश से प्रेरित नहीं होना चाहिए।
 
सिंह ने कहा कि हर किसी की अपनी जरूरतें होती हैं। हमें यह सोचना होगा कि हमें वहां क्या चाहिए, और उसके बाद ही हमें आगे बढ़ना चाहिए। वरना हम गलत रास्ते पर चल पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी दबाव में आकर यह नहीं कहना चाहिए कि हमें इसे अभी लागू करना है। किसी भी तरह, हमें इसे करना ही होगा। इसे इस तरह नहीं किया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि हम अपनी बात पर अडिग रह सकते हैं और बातचीत कर सकते हैं।
 
भविष्य के युद्ध की तैयारी की जरूरत : वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भविष्य के युद्ध के लिए तैयारी करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि शीर्ष स्तर पर संयुक्त योजना और समन्वय की आवश्यकता है। अगर वहां से निर्देश मिलेंगे, तो चीजें ठीक हो जाएंगी। हमें वास्तव में निचले स्तर पर किसी और ढांचे की जरूरत नहीं है। एकीकृत कमान के तहत, सरकार सेना, वायुसेना और नौसेना की ताकत को एकीकृत करने और युद्धों एवं अभियानों के लिए उनके संसाधनों के अधिकतम उपयोग करने का प्रयास करती है। (एजेंसी/वेबदुनिया)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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