‘टूर ऑफ ड्यूटी’ पर सेना को खत लिखकर क्‍या कहा ‘आनंद महिंद्रा’

शनिवार, 16 मई 2020 (14:08 IST)
आनंद मह‍िंद्रा सोशल मीड‍िया पर सक्र‍िय रहने के ल‍िए हमेशा चर्चा में रहते हैं। एक बार फ‍िर से वे चर्चा में हैं सेना को च‍िट्ठी ल‍िखने की वजह से।

दरअसल, आनंद मह‍िंद्रा ने सेना को लेटर ल‍िख टूर ऑफ ड्यूटी के प्रस्‍ताव का समर्थन क‍िया है। उन्‍होंने सेना को ईमेल भेजकर टूर ऑफ ड्यूटी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा है क‍ि अगर यह प्रस्ताव लागू हुआ तो वे उन लोगों को मह‍िंद्रा ग्रुप में नौकरी देने में प्राथम‍िकता देंगे। यह बात उन्‍होंने सेना को ईमेल कर के बताई।

भारतीय सेना को लिखे ईमेल में महिंद्रा ने लिखा,

'मुझे हाल ही में पता चला कि भारतीय सेना ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ संबंधी नए प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके तहत युवाओं, फिट नागरिकों को स्वैच्छिक आधार पर सेना के साथ बतौर जवान या अफसर के तौर पर जुड़कर ऑपरेशनल एक्सपिरियंस लेने का मौका मिलेगा।'

ईमेल में महिंदा ने आगे लिखा है,

'मुझे पूरा यकीन है कि ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ के तौर पर मिलिटरी ट्रेनिंग के बाद जब वे कार्यस्थल पर आएंगे तो यह बहुत फायदेमंद साबित होगा। भारतीय सेना में चयन और ट्रेनिंग के सख्त मानकों के मद्देनजर मिलिटरी ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को महिंद्रा ग्रुप नौकरी देने पर विचार करेगा।'

दरअसल इंडियन आर्मी आम भारतीयों के लिए 3 साल की 'टूर ऑफ ड्यूटी' के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके तहत टेलेंटेड लोगों को सेना में काम करने का अवसर म‍िलेगा। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो गया तो यह देश के इतिहास का एक बड़ा कदम होगा। इसमें आम लोगों को भी आर्मी में देश की सेवा करने और आर्मी ट्रेनिंग म‍िल सकेगी।

इस प्रस्ताव के तहत शुरुआत में ट्रायल के आधार पर टूर ऑफ ड्यूटी के तहत 100 अफसरों और 1000 जवानों को सेना में 3 साल तक के कार्यकाल के लिए रखने की योजना है।

मौजूदा वक्त में शॉर्ट सर्विस कमिशन के जरिए सेना जॉइन करने वालों को कम-से-कम 10 वर्ष की नौकरी करनी होती है। सेना में इससे कम अवधि की ड्यूटी का प्रावधान अभी नहीं है।

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