Publish Date: Thu, 18 May 2017 (13:19 IST)
Updated Date: Thu, 18 May 2017 (14:25 IST)
नई दिल्ली। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने मृत्यु से पांच साल पहले ही अपनी वसीयत में अपना अंतिम संस्कार होशंगाबाद ज़िले के बान्द्राभान में नर्मदा नदी के तट पर करने तथा उनकी स्मृति में वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण किए जाने की इच्छा व्यक्त की थी।
दवे ने 23 जुलाई 2012 को ही अपनी अंतिम इच्छा लिखकर रख दी थी। उन्होंने लिखा था कि संभव हो तो उनका अंतिम संस्कार बांद्राभान में नदी महोत्सव वाले स्थान पर किया जाए। उन्होंने यह भी लिखा कि उनका अंतिम संस्कार केवल वैदिक रीति से किया जाए तथा कोई भी आडंबर या दिखावा नहीं हो।
उन्होंने लिखा था कि मेरी स्मृति में कोई स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा स्थापन इत्यादि ना हो। मेरी स्मृति में यदि कोई कुछ करना चाहते हैं तो वृक्ष लगाएं और उन्हें संरक्षित करके बड़ा करेंगे तो मुझे बड़ा आनंद होगा। वैसे ही नदियों एवं जलाश्यों के संरक्षण में भी अधिकतम प्रयत्न किए जा सकते हैं।
दवे ने यह भी लिखा कि वृक्षारोपण तथा नदी एवं जलाशयों के संरक्षण के काम में उनके नाम के प्रयोग से बचा जाए। (वार्ता)