Publish Date: Tue, 03 Sep 2024 (16:47 IST)
Updated Date: Tue, 03 Sep 2024 (16:52 IST)
दिल्ली की एक अदालत ने कथित आबकारी घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक दुर्गेश पाठक और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र पर मंगलवार को संज्ञान लिया। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने कहा कि केजरीवाल और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
न्यायाधीश ने केजरीवाल के लिए पेशी वारंट जारी किया और पाठक को 11 सितंबर को तलब किया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने केजरीवाल, पाठक, विनोद चौहान, आशीष माथुर और शरत रेड्डी के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दायर किया था।
सीबीआई ने पिछले महीने अदालत को सूचित किया था कि उसने इस मामले में केजरीवाल और पाठक पर मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी हासिल कर ली है। संघीय एजेंसी ने पहले ही मामले में उनके खिलाफ जांच करने के लिए मंजूरी हासिल कर ली थी।
अरविंद केजरीवाल को पहली बार 21 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें 26 जून को दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट से सीबीआई ने हिरासत में लिया और बाद में 29 जून को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को ईडी मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी थी, हालांकि वे अभी भी तिहाड़ जेल में बंद हैं क्योंकि उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था।
उन्हें 20 जून को ईडी द्वारा दर्ज मामले में ट्रायल कोर्ट ने पहले जमानत दी थी, जिस पर 25 जून को दिल्ली उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी। उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत भी दी थी। बाद में उन्होंने 2 जून को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था।
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Tue, 03 Sep 2024 (16:47 IST)
Updated Date: Tue, 03 Sep 2024 (16:52 IST)