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अतीक ने सुन ली थी 'हत्या की आहट', SC में लगाई थी गुहार लेकिन...

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, सोमवार, 17 अप्रैल 2023 (13:18 IST)
  • अशरफ ने बरेली में मीडिया से कहा था कि दो सप्ताह बाद उसकी हत्या हो जाएगी
  • यूपी पुलिस के ही एक बड़े अफसर ने दिया था इनपुट
  • अतीक को था मौत की आहट का अंदाजा, सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी गुहार
माफिया अतीक अहमद को पहले से ही अपनी हत्या का अंदेशा था। पिछली 28 मार्च को अतीक अहमद ने अपने इस अंदेशे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। उसने याचिका में कहा था कि मेरी जान को खतरा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने ये अर्जी खारिज कर दी थी। 15 अप्रैल को अतीक अहमद का अंदेशा सही साबित हुआ। अतीक और उसके भाई अशरफ का भरी मीडिया के सामने लाइव कत्ल कर दिया।

बता दें कि अतीक के साथ ही उसके भाई अशरफ ने भी अपनी हत्या को लेकर बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा था। फिलहाल उसका बयान वाला वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। अशरफ ने कहा था- उसकी हत्या हो सकती है। मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाते हुए उसकी हत्या हो सकती है। उसने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि उसे यूपी पुलिस के ही एक बडे अफसर ने यह इनपुट दिया है। हालांकि अशरफ ने उसका नाम बताने से इनकार कर दिया था। अशरफ ने बरेली में मीडिया से बातचीत में कहा था कि उसकी दो सप्ताह बाद हत्या कर दी जाएगी।

क्या कहा था अशरफ ने : अशरफ ने कहा था, 'एक बड़े अफसर ने कहा है कि किसी बहाने से एक दो हफ्ते बाद तुम्हें जेल से निकालेंगे और निपटा देंगे। मैं उसका नाम नहीं ले सकता। मेरे परिवार को फंसाने की साजिश रची गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को भी बदनाम करने की साजिश है। माननीय मुख्यमंत्री जी पर केस लग चुके हैं, इसलिए वो अच्छी तरह से मेरी पीड़ा को समझते हैं।

बता दें कि माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार (15 अप्रैल) को यूपी के प्रयागराज में हत्या कर दी गई। दोनों भाईयों की उस समय गोली मारकर हत्या की जब पुलिस दोनों को मेडिकल कॉलेज लेकर जा रही थी। दो दिन पहले ही झांसी में अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर कर दिया गया था।

क्यों खारिज की अतीक की अर्जी : जब अतीक ने कोर्ट में अर्जी दी कि उसकी हत्या हो सकती है तो कोर्ट ने अतीक अहमद की याचिका सुनने से मना करते हुए कहा था कि जब उसे गुजरात से यूपी लाया जा चुका है तो अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का कोई मामला नहीं बचता। सुरक्षा या किसी भी और बात के लिए उसे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करनी चाहिए।
Edited by Navin rangiyal

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