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राम रहीम फैसला : दूसरे दिन का घटनाक्रम

हमें फॉलो करें राम रहीम फैसला : दूसरे दिन का घटनाक्रम
, शनिवार, 26 अगस्त 2017 (22:34 IST)
चंडीगढ़/ पंचकूला/ सिरसा/ नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों द्वारा शुरू की गई हिंसा को रोकने में नाकाम रहने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही हरियाणा सरकार ने यह कहते हुए पंचकूला के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को निलंबित कर दिया कि उनके एक ‘दोषपूर्ण’ आदेश के कारण जिले में भारी भीड़ जमा हुई, वहीं सरकार ने इस बात से इंकार किया है कि सेना ने सिरसा में डेरा मुख्यालय को अपने कब्जे में ले लिया है। नई दिल्ली में गृह मंत्रालय ने भी स्थिति की समीक्षा की है।
 
हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राम निवास ने चंडीगढ़ में कहा कि हां चूक हुई है और इसलिए हमने पंचकूला के डीसीपी को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि अधिकारी ने जो निषेधाज्ञा जारी की थी उसके तहत केवल हथियार रखने पर रोक लगी थी और पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह जमा होने पर रोक नहीं लगी।
 
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया कि पंचकूला के डीसीपी, आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। सिरसा सिविल अस्पताल में दो और लोगों की मौत के साथ ही डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के समर्थकों की हिंसा में मरने वालों की संख्या आज 32 हो गई।
 
सिरसा में अस्पताल नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि आज दो और लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। हिंसा का केंद्र रहे पंचकूला में 28 लोगों की मौत हुई है। हरियाणा के महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को बताया कि ‘‘राज्य में 32 लोगों की मौत हुई है जिनमें 28 मौत पंचकूला में हुई है। 
 
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले बताया कि मरने वालों की संख्या 31 है। अदालत में विशेष सुनवाई के दौरान महाजन ने कहा कि 28 शवों में से एक की पहचान हुई है। शेष की अभी पहचान नहीं हुई है। पंचकूला में 524 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, 24 वाहन, पांच पिस्तौल और 79 गोलियां जब्त की गई हैं। इसके अलावा दो राइफल और 52 गोलियां भी बरामद हुई हैं। 
 
लोहे की छड़ें, डंडे, हॉकी स्टिक और दस पेट्रोल बम भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंचकूला में आठ प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। अन्य स्थानों पर दर्ज प्राथमिकियों की जल्द जानकारी दी जाएगी।’’ इस बीच सरकार ने कहा कि सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में प्रवेश का सेना का तत्काल कोई इरादा नहीं है और उसका ध्यान हिंसा को देखते हुए सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित है। सेना ने पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के साथ मिलकर डेरा परिसरों के प्रवेश स्थलों पर अवरोधक लगाए हैं।
 
जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), 33 आर्म्ड डिवीजन, राजपाल पूनिया ने बताया कि सेना का डेरा मुख्यालय में प्रवेश का अभी कोई इरादा नहीं है। इस वक्त हम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राम निवास के इस बयान के बाद आई कि हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा के सभी ‘समागम केंद्रों’ की तलाशी के आदेश दे दिए गए हैं।
 
पूनिया ने कहा कि जमीनी स्तर पर पुलिस, अर्द्धसैनिक और सैन्यकर्मियों के बीच उच्च स्तरीय तालमेल है और डेरा मुख्यालय में प्रवेश की अभी कोई योजना नहीं है। सेना एवं अधिकारियों की अपील के बावजूद डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के नाराज अनुयायी आज भी डेरा मुख्यालय के परिसर में जमे हुए हैं। सेना एवं अधिकारियों ने डेरा अनुयायियों से यहां से जाने की अपील की है।
 
एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सेना अपने विकल्पों पर विचार कर रही है। पुलिस ने बताया कि यहां कल रात से 15 डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार किया गया है।
 
हिसार के महानिरीक्षक (आईजी) एएस डिल्लो ने कहा कि ‘कानून को अपने हाथ में लेने वाले लोगों को बख्शा नहीं जायेगा। हम उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।’ महिलाओं एवं बच्चों समेत करीब एक लाख लोग अब भी डेरा मुख्यालय में मौजूद हैं।
 
सेना और जिला अधिकारी लाउडस्पीकरों से घोषणाएं कर रहे हैं और लोगों से परिसर छोड़ने की अपील कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि सेना को बीती रात विशाल डेरा परिसर का मानचित्र उपलब्ध कराया गया था। करीब 1,000 एकड़ में फैला परिसर अपने आप में एक बस्ती की तरह है जिसमें स्कूल, खेलगांव, अस्पताल और सिनेमा हॉल हैं। नई दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर भारत, खासकर हरियाणा में आज सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
 
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि और खुफिया ब्यूरो के प्रमुख राजीव जैन समेत शीर्ष अधिकारियों ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तरप्रदेश की स्थिति का विस्तृत ब्योरा पेश किया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अर्द्धसैनिक बलों के प्रमुख भी इस बैठक में मौजूद थे।
 
पूरे मामले से परिचित एक अधिकारी ने बताया कि गृहमंत्री को कानून व्यवस्था बनाए रखने और शांति स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों से अवगत कराया गया है। (भाषा)

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