Publish Date: Thu, 19 Sep 2019 (09:48 IST)
Updated Date: Thu, 19 Sep 2019 (09:51 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध के फैसले का स्वागत करते हुए हुए कहा कि इससे स्वस्थ जीवन को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार ने बुधवार को ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के अध्यादेश को मंजूरी दी है।
हर्षवर्धन ने कहा कि प्रतिबंध से देश में 'फिट इंडिया' और 'स्वस्थ भारत मुहिम' के अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी तथा इससे देश आगे बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि कहा कि इससे देश में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी असर पड़ेगा। उन्होंने सरकर के इस साहसिक कदम की सराहना भी की। मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को यहां हुई बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी प्रदान की गई है।
देश में ई-सिगरेट का विनिर्माण नहीं होता है तथा इन सभी ई-सिगरेटों का आयात किया जाता है। भारत में इस समय 150 से ज्यादा 'फ्लेवर' में 400 से ज्यादा ब्रांड के ई-सिगरेट बिक रहे हैं। गंधरहित होने से 'पैसिव स्मोकर' को पता भी नहीं चलता और उसके शरीर में भी भारी मात्रा में निकोटीन पहुंचता रहता है।
अध्यादेश के तहत ई-सिगरेट और ई-हुक्का से जुड़े नियमों का पहली बार उल्लंघन करने पर 1 साल तक की सजा और 1 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अपराध के दोहराव पर 3 साल की सजा व 5 लाख रुपए तक का जुर्माना होगा। भंडारण समेत ई-सिगरेट से जुड़ीं अन्य सभी गतिविधियां भी संज्ञेय अपराध होंगी।