Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

बिहार में 95.49 फीसदी लोगों के पास वाहन नहीं, जाति आधारित सर्वेक्षण में चौंकाने वाला खुलासाा

Advertiesment
हमें फॉलो करें Bihar caste survey
, गुरुवार, 9 नवंबर 2023 (07:40 IST)
Bihar Caste survey : बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 95.49 प्रतिशत लोगों के पास कोई वाहन नहीं है जबकि केवल 3.8 प्रतिशत के पास दोपहिया वाहन हैं और 0.11 प्रतिशत के पास कार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 45.78 लाख लोग दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं जबकि 2.17 लाख लोग विदेश में रह रहे हैं।
 
बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को पेश की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के 13.07 करोड़ लोगों में से 12.48 करोड़ लोगों के पास कोई वाहन नहीं है। केवल 49.68 लाख लोगों या लगभग 3.8 प्रतिशत आबादी के पास दोपहिया वाहन है जबकि सिर्फ 5.72 लाख लोगों या 0.11 प्रतिशत आबादी के पास चार पहिया वाहन हैं। केवल 1.67 लाख लोगों या 0.13 प्रतिशत के पास ट्रैक्टर हैं।
 
मई 2022 में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, देश में केवल 8 प्रतिशत भारतीय परिवारों या 12 घरों में से एक के पास कार हैं। अधिकांश भारतीयों के पास अभी भी दोपहिया वाहन हैं। लगभग 55 प्रतिशत भारतीय परिवारों के पास साइकिल है जबकि स्कूटर और मोटरसाइकिल वाले लोग 54 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। बिहार, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कार रखने वाले परिवार कम हैं।
 
एनएफएचएस-5 सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया था कि बिहार में केवल दो प्रतिशत परिवारों के पास कार है जबकि आंध्र प्रदेश में यह संख्या 2.7 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 2.8 प्रतिशत है।
 
एनएफएचएस-5 के निष्कर्ष 664972 परिवारों या घरों पर आधारित थे। यह केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया गया था।
 
एनएफएचएस-5 सर्वेक्षण से पता चला कि गोवा और केरल में कार रखने वाले परिवारों का प्रतिशत सबसे अधिक है। गोवा में लगभग दो में से एक घर (46 प्रतिशत) के पास कार है जबकि केरल में यह संख्या चार में से एक (26 प्रतिशत) है। जहां जम्मू-कश्मीर में हर चार में से एक परिवार (24 प्रतिशत) के पास कार है वहीं हिमाचल प्रदेश में 23.5 प्रतिशत परिवार कार के मालिक हैं।
 
पंजाब में लगभग 23 प्रतिशत परिवारों के पास कार है। नागालैंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और दिल्ली उन राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में से हैं जहां पांच घरों में से कम से कम एक (20 प्रतिशत से अधिक) के पास कार है।
 
बिहार जाति सर्वेक्षण रिर्पोट के मुताबिक सामान्य वर्ग के 2.01 करोड़ लोगों में से कुल 11.99 लाख के पास दोपहिया वाहन हैं।
 
इसमें कहा गया है कि विदेश गए 2.17 लाख लोगों में से 23,738 लोग उच्च शिक्षा अर्जित कर रहे हैं। दूसरे देशों में काम करने वालों में 76,326 लोग सामान्य वर्ग के हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार के 45,78,669 लोग यानी आबादी का 3.5 फीसदी दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं।
 
बिहार सरकार ने मंगलवार को विधानमंडल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग सहित कुल 215 जातियों की आर्थिक स्थिति पर रिपोर्ट पेश की थी।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

नरपत सिंह राजवी की मुश्किलें बढ़ाएंगे बागी, BJP नेताओं के भी इस्तीफे