Publish Date: Sat, 11 Mar 2017 (12:09 IST)
Updated Date: Sat, 11 Mar 2017 (12:16 IST)
दिल्ली से उमेश चतुर्वेदी
उत्तराखंड में भारी जीत की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी में मुख्यमंत्री पद की दौड़ शुरू हो गई है। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की दौड़ में उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी प्रमुख अजय भट्ट और उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से कमान संभाले रहे शिवप्रकाश का नाम आगे चल रहा है। वैसे संघ के समर्थन से त्रिवेंद्रसिंह रावत का नाम पर भी पार्टी आलाकमान में विचार शुरू हो गया है।
हालांकि माना जा रहा है कि त्रिवेंद्र रावत के नाम पर तभी मुहर लग पाएगी, जब अजय भट्ट और शिवप्रकाश के नामों पर सहमति नहीं बन पाएगी। चूंकि अजय भट्ट की ही अगुआई में उत्तराखंड में चुनाव लड़ा गया है, इसलिए परंपरा के मुताबिक मुख्यमंत्री पद पर उनका ही दावा मजबूत माना जा रहा है। हालांकि पार्टी ने अपनी तरफ से किसी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आगे नहीं किया था। इसलिए अजय भट्ट के साथ ही और भी नाम मैदान में हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि उनके साथ कितने विधायक सहमति जता सकते हैं। इसके साथ ही निशंक के नाम पर सहमति तभी बन पाएगी, जब अजय भट्ट और शिवप्रकाश के नामों को लेकर पार्टी में एकमत नहीं बन पाएगी।
इस बीच संघ से जुड़े और उत्तर प्रदेश चुनावों में भूमिका निभा रहे शिवप्रकाश का नाम भी तेजी से उभरा है। हालांकि चुनाव अभियान से पहले ही उनके नाम को लेकर कयासबाजी का दौर तेज हो गया था। उनके जिम्मे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के इलाके के चुनाव संचालन की जिम्मेदारी थी। जिस तरह से उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी प्रदर्शन कर रही है, उससे उनके नाम पर भी गंभीरता से विचार होना शुरू हो गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक त्रिवेंद्र सिंह रावत भी गंभीर उम्मीदवार माने जा रहे हैं। लेकिन माना जा रहा है कि उनकी सख्त और ईमानदार छवि उनकी राह में रोड़ा बन सकती है। हालांकि पार्टी सूत्रों का मानना है कि नई सरकारों का गठन और उसे लेकर पार्टी आलाकमान होली बाद ही कवायद करेगा। तब तक कयासबाजी का दौर जारी रहेगा।