Publish Date: Sat, 26 Aug 2017 (12:38 IST)
Updated Date: Sat, 26 Aug 2017 (15:28 IST)
नई दिल्ली। विकिलीक्स ने गुरुवार को खुलासा किया कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के पास आधार कार्ड के डाटा का एक्सेस है। विकिलीक्स का दावा है कि सीआईए ने इसके लिए यूएस की कंपनी क्रॉस मैच टेक्नोलॉजी के द्वारा तैयार किए गए डिवाइसेस की मदद से आधार डाटा को हैक कर लिया है।
विकिलीक्स के अनुसार सीआईए ने जिस कंपनी की मदद से आधार डाटा को हैक किया है, उसी कंपनी की इंडियन इकाई आधार कार्ड बनाने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेश अथॉरिटी ऑफ इंडिया को बॉयोमेट्रिक डाटा लेने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया है। विदित हो कि क्रॉस मैच टेक्नोलॉजी कंपनी को साइबर स्पाइंग के उपकरण बनाने का विशेषज्ञ माना जाता है।
क्रॉसमैच का इंडिया में ऑपरेशन स्मार्ट आईडेंटिटी डिवाइसेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ में पार्टनरशिप है। इसी कंपनी ने देश भर के 120 करोड़ भारतीयों के आधार कार्ड के लिए डाटाबेस इकठ्ठा किए थे।
विकिलीक्स ने शुक्रवार को ट्विट करके कहा कि क्या सीआईए के जासूसों ने भारत के नेशनल आईडी कार्ड डाटाबेस को चोरी कर लिया है? इसके कुछ देर बाद विकिलीक्स ने एक और ट्विट करके पूछा कि क्या सीआईए ने आधार डाटाबेस चोरी कर लिया?
विकिलीक्स ने इसके साथ ही एक मैगजीन का में छपे आर्टिकल का लिंक भी शेयर किया। लेकिन केंद्र सरकार ने विकिलीक्स के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा कि यह विकिलीक्स का खुलासा नहीं है, बल्कि एक वेबसाइट द्वारा बताया गया लीक है। यह जानकारी ग्रेटगेम इंडिया ऑनलाइन पत्रिका में दी गई।
सरकार ने कहा कि क्रॉस मैच बॉयोमेट्रिक डिवाइस बनाने वाली कंपनी है जो पूरे विश्व में इस तरह के डिवाइस सप्लाई करती है। जो भी वेंडर आधार का डाटा कलेक्ट करते हैं वो इनक्रिप्टेड फॉर्म में आधार सर्वर को ट्रांसफर हो जाता है। सरकार ने कहा कि आधार का डाटा पूरी तरह से सेफ है और इसको किसी एजेंसी को देखने का अधिकार नहीं है।