Publish Date: Wed, 26 Feb 2020 (23:15 IST)
Updated Date: Wed, 26 Feb 2020 (23:47 IST)
नई दिल्ली। बालाकोट में एक आतंकी शिविर को नेस्तनाबूद करने के लिए ठीक एक साल पहले 26 फरवरी की सुबह जब भारतीय विमानों ने सीमापार करके सफलतापूर्वक अभियान को अंजाम दिया। वायु सेना के तत्कालीन कमांडर हरि कुमार ने वायु सेना प्रमुख को इसकी सफलता की जानकारी देने के लिए कूट शब्द 'बंदर' का इस्तेमाल किया। हिंदी भाषा में वानर पशु के लिए 'बंदर' शब्द का इस्तेमाल होता है और फारसी में इसका आशय ‘बंदरगाह’ से होता है।
अब सेवानिवृत्त हो चुके कुमार ने 26 फरवरी, 2019 को तड़के 3:55 बजे तत्कालीन वायु सेना प्रमुख बी एस धनोआ को फोन कर उस गोपनीय अभियान की सफलता की पुष्टि के लिए ‘बंदर’ शब्द का इस्तेमाल किया।
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) कुमार का आज जन्मदिन भी है। उन्होंने बालाकोट हमले की पहली बरसी पर उस अभियान को याद किया जिसे पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के 12 दिन बाद अंजाम दिया गया था।
कुमार ने कहा कि 25 फरवरी को मेरे लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम में वायु सेना प्रमुख ने मुझसे अभियान की तैयारियों के बारे में पूछा। तब उन्होंने मुझसे कहा कि अभियान सफल होने पर मुझे फोन करके ‘बंदर’ कहें।
बालाकोट हमले के मुख्य सूत्र रहे कुमार उस समय पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ थे। यह कमान पाकिस्तान की सीमा के पास भारत के हवाई क्षेत्र की रक्षा की जिम्मेदारी निभाती है।
कुमार ने याद करते हुए कहा, '26 फरवरी को तड़के करीब 3:55 बजे मैंने वायु सेना प्रमुख को फोन किया और बंदर कहा।'
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