Publish Date: Sat, 16 Sep 2023 (15:35 IST)
Updated Date: Sat, 16 Sep 2023 (15:39 IST)
Jairam Ramesh: कांग्रेस ने एक खबर का हवाला देते हुए शनिवार को दावा किया कि मॉरीशस में अडाणी समूह से संबंधित 2 निवेश कोष के विरुद्ध नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने सवाल किया कि आखिर इस मामले में भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (SEBI) नींद से कब जागेगी?
अमेरिकी कंपनी 'हिंडनबर्ग रिसर्च' द्वारा अडाणी समूह के खिलाफ 'अनियमितताओं' और स्टॉक मूल्य में हेरफेर का आरोप लगाए जाने के बाद से कांग्रेस इस कारोबारी समूह पर निरंतर हमले और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग कर रही है। अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोपों से इंकार किया था और उसका कहना था कि उसकी ओर से कोई गलत काम नहीं किया गया है।
रमेश ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया कि समूह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और 'राउंड-ट्रिपिंग' के आरोप और भी मजबूत हो गए हैं। सेबी के मॉरीशस समकक्ष 'वित्तीय सेवा आयोग' (एफएससी) ने वित्तीय सेवा अधिनियम, प्रतिभूति अधिनियम सहित कई कानूनों का उल्लंघन करने के लिए मई 2022 में अडाणी से संबंधित 2 निवेश कोष के नियंत्रक शेयरधारक के लाइसेंस रद्द कर दिए।
उनका कहना था कि भले ही सेबी असहाय नजर आ रही हो, लेकिन विडंबना यह है कि मॉरीशस के नियामकों ने अडाणी से जुड़ी संदिग्ध संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। रमेश ने दावा किया कि ध्यान रहे कि 'इमर्जिंग इंडिया फंड मैनेजमेंट ने उन 2 कोषों को नियंत्रित किया, जो विनोद अडाणी के सहयोगियों नासिर अली शाबान अली और चांग चुंग-लिंग के लिए माध्यम थे। अली और चांग ने इन्हीं कोष के जरिए अडाणी समूह कंपनियों में संदिग्ध निवेश किया। इमर्जिंग इंडिया फंड मैनेजमेंट का लाइसेंस गंभीर आरोपों के आधार पर रद्द कर दिया गया।(भाषा)
Edited by: Ravindra Gupta