Publish Date: Fri, 25 Nov 2016 (10:07 IST)
Updated Date: Fri, 25 Nov 2016 (10:28 IST)
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत से बड़ी विकास सहायता पाने वाले दो पड़ोसी देश, नेपाल और भूटान, ने बड़े पुराने नोटों की नोटबंदी और उन्हें मिलने वाली वित्तीय सहायता पर उसके संभावित असर का मुद्दा भारत के सामने उठाया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि नेपाल राष्ट्र बैंक और रॉयल मोनेटरी अथॉरिटी ऑफ भूटान वर्तमान प्रावधानों के तहत 500 और 1000 रुपए के उन पुराने नोटों के संग्रहण और जमा करने के सिलसिले में भारतीय रिजर्व बैंक के संपर्क में हैं जो इन दोनों देशों में केंद्रीय बैंकों, अन्य बैंकों, वित्तीय संस्थानों और आम लोगों के पास हैं।
उन्होंने कहा, 'नेपाल और भूटान की सरकारों ने यह मामला उठाया है। सरकार इस मामले पर विचार कर रही है तथा आरबीआई नेपाल और भूटान के अपने समकक्षों के संपर्क में बना रहेगा।' इस साल के बजट के अनुसार भारत ने भूटान के लिए 5490 करोड़ रुपए और नेपाल के लिए 300 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित की है। (भाषा)