Publish Date: Sun, 09 Aug 2015 (17:53 IST)
Updated Date: Sun, 09 Aug 2015 (18:38 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली में इस साल यमुना नदी में डूबने से 100 से अधिक लोगों की मौत हुई, जबकि गोताखोरों ने 8 लोगों की जान बचाई।
दिल्ली सरकार के तहत आने वाले 17 सदस्यीय बचाव दल ने इस साल अब तक डूबने के 112 मामलों में 8 लोगों को जिंदा बचाया। पिछले साल 8 लोगों को बचाया गया था, जबकि 108 लोगों की मौत हुई थी।
बोट क्लब के प्रभारी हरीश कुमार ने बताया कि हमारे पास 16 गोताखोरों की एक टीम है जिसके पास 13 नौकाएं हैं। हम अति प्रदूषित नालों से लेकर तेज बहाव वाली नहरों तक में बचाव अभियान चलाते हैं।
यमुना नदी, बवाना और जैतपुर नहरें बचाव कार्य के लिहाज से सबसे जटिल हैं। दिल्ली में बोट क्लब एकमात्र एजेंसी है, जो डूबने से संबंधित घटनाओं में तलाशने और बचाने का प्रयास करती है।
अधिकारियों के अनुसार पिछले सप्ताह कई घंटों की मशक्कत के बाद इस टीम ने सीलमपुर के एक नाले से एक 9 साल के लड़के का शव बरामद किया। (भाषा)