Publish Date: Thu, 14 Apr 2022 (16:31 IST)
Updated Date: Thu, 14 Apr 2022 (16:40 IST)
हरिद्वार। बैसाखी स्नान पर्व से एक दिन पहले ही बुधवार को धर्मनगरी हरिद्वार श्रद्धालुओं से पूरी तरह पैक हो गई थी।गुरुवार सुबह से ही आज बैसाखी के साथ ही मेष संक्रांति का स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
गुरुवार को पूरे दिन हरिद्वार पुलिस को यात्रियों की भीड़ संभालने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कोरोनावायरस (Coronavirus) काल में 2 साल बाद पहली बार बिना किसी रोकटोक के बैसाखी व मेष संक्रांति स्नान हो रहा है।
धर्मनगरी हरिद्वार और ऋषिकेश में स्नान पर्व को लेकर एक सप्ताह पहले ही ऑनलाइन होटल बुक हो गए थे। स्नान पर्व से एक दिन पहले बुधवार को ही शहर के सभी होटलों में यात्रियों का आना शुरू हो गया था।धर्मशालाओं के अलावा गुरुओं के आश्रमों में आकर भी यात्रियों ने डेरा डाल दिया था।
शहर के सभी प्रमुख चौराहों व संपर्क मार्गों पर सिविल पुलिस के साथ ही यातायात पुलिस व सीपीयू के जवान तैनात कर दिए गए थे।धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते शाम के समय हाईवे पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया। यह त्योहार नववर्ष की शुरुआत माना जाता है। श्रद्धालु इस दौरान भोग लगाकर गंगा पूजा करते हैं।
मान्यता है कि हजारों साल पहले देवी गंगा इसी दिन धरती पर उतरी थीं। उन्हीं के सम्मान में धर्मावलंबी पारंपरिक पवित्र स्नान के लिए गंगा किनारे एकत्र होते हैं तथा इस पर्व को मनाते है। श्रद्धालुओं का मानना है कि आज के दिन गंगा स्नान के साथ दान-पुण्य करना उनकी मनोकामना पूरी करता है, जिससे उनके परिवार में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।