Publish Date: Tue, 10 Apr 2018 (16:54 IST)
Updated Date: Tue, 10 Apr 2018 (16:55 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के बदायूं के कुंवरगांव क्षेत्र में स्थापित डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा का भगवा रंग बदल कर फिर से नीला कर दिया गया है। दरअसल, पिछले शनिवार को क्षेत्र के दुगरैया गांव के एक पार्क में स्थापित संविधान निर्माता की मूर्ति को शरारती तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस प्रशासन ने इस सिलसिले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और खंडित प्रतिमा के स्थान पर नई मूर्ति स्थापित कर दी थी। हालांकि नई मूर्ति भगवा रंग के कारण विवादों के घेरे में आ गई।
राजनीति के गलियारों के अलावा इस मामले में सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया के बाद आनन-फानन में मूर्ति के रंग को फिर से नीला कर दिया। मूर्ति का रंग नीला करने वाले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता हीमेन्द्र गौतम ने हालांकि प्रतिमा का रंग बदलने का कोई स्पष्ट कारक उन्होने नही बताया। गौतम ने कहा कि डॉ.अंबेडकर की भगवा रंग की प्रतिमा से स्थानीय ग्रामीणों को कोई आपत्ति नहीं थी।
उन्होने सवाल किया कि गौतम बुद्ध ने भगवा वस्त्रों को धारण किया था मगर इस बारे में किसी ने कोई सवाल नही किया। मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का आधिकारिक रंग नीला है और सूबे के अधिकतर स्थानों पर स्थापित डॉ. अंबेडकर की अधिकतर प्रतिमाओं का रंग नीला है।
हालांकि प्रतिमा का रंग भगवा किए जाने के बारे में कोई भी नेता अथवा अधिकारी बयान देने को राजी नही था। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रतिमा के रंग के बारे में पार्टी की कोई भूमिका नही है। हालांकि बाबा साहब की प्रतिमा का रंग अगर भगवा भी है तो उस पर किसी को क्या आपत्ति हो सकती है। केसरिया रंग राष्ट्रीयता की पहचान है। हमारे राष्ट्रीय ध्वज के तिरंगे का एक रंग केसरिया ही है। (वार्ता)