Publish Date: Mon, 03 Jun 2019 (13:20 IST)
Updated Date: Mon, 03 Jun 2019 (13:26 IST)
नई दिल्ली। गैर हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी पढ़ाने का प्रस्ताव देने वाली शिक्षा नीति के मसौदे पर तमिलनाडु में आक्रोश को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लिए जाने से पहले राज्य सरकारों से परामर्श लिया जाएगा। जयशंकर की प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर टि्वटर यूजर के एक सवाल के जवाब में आई है।
जयशंकर ने ट्वीट किया कि एचआरडी मंत्री को सौंपी गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति महज एक मसौदा रिपोर्ट है। आम जनता से प्रतिक्रिया ली जाएगी। राज्य सरकारों से परामर्श किया जाएगा। इसके बाद ही इस मसौदा रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। भारत सरकार सभी भाषाओं का सम्मान करती है। कोई भाषा थोपी नहीं जाएगी।
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नक्श-ए-कदम पर चलते हुए जयशंकर ने रविवार को टि्वटर पर कई सवालों और विदेश में रह रहे कई भारतीयों की मदद की अपीलों का जवाब दिया।