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Gujrat Rain Update: सौराष्ट्र में बाढ़ जैसे हालात, पहली मंजिल पानी में डूबी, वायुसेना ने संभाला मोर्चा

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सोमवार, 13 सितम्बर 2021 (20:08 IST)
अहमदाबाद/गांधीनगर। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के कुछ जिलों में पिछले 36 घंटे से अधिक समय से जारी भारी से अति भारी वर्षा के कारण वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और राहत तथा बचाव कार्य के लिए बचाव एजेंसियों के साथ ही साथ वायुसेना की भी मदद ली जा रही है। जामनगर के कई गांवों में हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। घरों की एक मंजिल पूरी तरह डूब गई।

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मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। वर्षा के कारण 15 राज्य हाई वे समेत 130 से अधिक रास्ते बंद हैं। 200 से अधिक गांवों में बिजली की आपूर्ति बाधित है। कई गांवों में लोग जल भराव के कारण छतों पर शरण लिए हुए हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने कई गांव से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
 
सोमवार सुबह 6 बजे तक के पिछले 24 घंटे में राज्य के सभी 33 जिलों के 212 तालुका में बरसात हुई जिसमें से सर्वाधिक 176 मिलीमीटर जामनगर जिले के कालावाड़ में थी। स्थिति तब बिगड़ने लगी जब राजकोट जिले में भी कल कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के बाद आज भी सुबह से जामनगर, राजकोट और जूनागढ़ के कई इलाकों में अति भारी वर्षा हुई। एशियाई शेरों के एकमात्र प्राकृतिक निवास जूनागढ़ के गिर के जंगलों में भी भारी वर्षा की सूचना है। राज्य आपात संचालन केंद्र से मिले आंकड़ों के अनुसार आज सोमवार सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक 30 जिलों के 130 तालुका में बरसात हुई थी। जूनागढ़ के विसावदर में सर्वाधिक 347 मिमी, राजकोट के लोधिका में 345, राजकोट में 286, जामनगर के कालवाड़ में 258, राजकोट के धोराजी में 192 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी और कई स्थानों पर इसका सिलसिला जारी था।
 
 
जूनागढ़ तथा जामनगर को राजकोट से जोड़ने वाले राज्य हाई वे भी जल जमाव के कारण बंद हैं। नागेश्वर, आजी समेत स्थानीय नदियां उफान पर हैं कई नाले और डैम छलक गए हैं। कई गांव पूरी तरह पानी से घिर गए हैं। राजकोट शहर और जामनगर में कई लोगों को जलभराव वाले इलाकों से बाहर निकाला गया है। कई स्थानों पर तेज जल प्रवाह के कारण पार्क की गई गाड़ियों के बह जाने की भी घटनाएं भी हुई हैं।

 
वर्षाजनित घटनाओं में कम से कम 1 व्यक्ति के बह जाने की भी सूचना है। यह घटना राजकोट के उपलेटा तालुका के अरनी गांव की बताई जा रही है, जहां कोजवे पर बने पुल से 1 मोटरसाइकल बह गई। इस पर सवार 2 लोगों को तो बचा लिया गया पर 1 लापता बताया गया है। राहत और बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों के साथ वायु सेना के चार हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं। आज ही शपथ लेने वाले राज्य के नए मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक आपात बैठक भी बुलाई है। ज्ञातव्य है कि इस बार मानसून के समय से राज्य में आगमन के बाद यह कमजोर पड़ गया जिससे कई स्थानों पर सूखे जैसी स्थिति बन गई है। अब अंतिम चरण में भारी वर्षा से बाढ़ जैसे हालत बन रहे हैं।

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