Publish Date: Mon, 26 Oct 2015 (10:47 IST)
Updated Date: Mon, 26 Oct 2015 (11:01 IST)
नई दिल्ली। पूर्व सैनिकों के लिए इस बार की दिपावली खुशियों भरी रहेगी। माना जा रहा है कि दिवाली से पूर्व केंद्र सरकार कई सालों से अटकी वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना को लागू कर सकती है। इस मामले में पूर्व सैनिकों और केंद्र सरकार के बीच सहमति बन गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में सभी जरूरी कागजी काम पूरे कर लिए गए हैं, अब बिहार चुनाव खत्म होने का इंतजार है। चुनावी आचार संहिता खत्म होते ही सरकार OROP लागू करने की घोषणा करेगी। सरकार दिवाली से पहले ही इसे लागू करने की योजना पर काम कर रही है।
गौरतलब है कि पांच सितंबर को रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने पूर्व सैनिकों की मांग को पूरा करते हुए वन रैंक वन पेंशन का ऐलान किया था। रक्षा मंत्री ने कहा था, 'हमने 40 साल पुरानी मांग पूरी करके अपना वादा पूरा कर दिया है।' सरकार के फैसले पर पूर्व सैनिकों ने संतुष्टि जताई थी।
चार किश्तों में मिलेगा एरियर : सूत्रों के अनुसार वन रैंक वन पेशन योजना 1 जुलाई 2014 से लागू होगी और पूर्व सैनिकों को चार छमाही किश्तों में एरियर मिलेगा। इस योजना के तहत समान पद पर समान पेंशन मिलेगी। पूर्व सैनिकों की विधवाओं को बकाया एकमुश्त दिया जाएगा। वन रैंक वन पेंशन के लिए 2013 को आधार वर्ष माना जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि वन रैंक वन पेंशन का एरियर देने में सरकारी खजाने पर 10 से 12 हजार करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। पिछली सरकार ने 2014 के बजट में इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन इस पर 8 से 10 हजार करोड़ खर्च होंगे, जिसमें भविष्य में बढ़ोतरी भी होगी।