Publish Date: Sun, 04 Jun 2017 (14:49 IST)
Updated Date: Sun, 04 Jun 2017 (14:55 IST)
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के क्रियान्वयन में अब 1 माह से भी कम का समय बचा है, वहीं भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने एक संसदीय समिति को सूचित किया है कि बैंक अभी नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
आईबीए ने वित्त पर संसद की स्थायी समिति से कहा कि चूंकि जीएसटी को 1 जुलाई, 2017 से लागू किया जाना है, ऐसे में बैंकों को अपनी प्रणालियों तथा प्रक्रियाओं में काफी बदलाव करना होगा। जीएसटी को 1 जुलाई 2017 से लागू करने की बैंकों की तैयारियों पर सवालिया निशान है।
आईबीए ने कहा कि बैंकों की ग्राहकों के लिए काफी सेवाएं केंद्रीयकृत हैं, जबकि कुछ अन्य स्थानीयकृत हैं। बैंकों को अपने मौजूदा ढांचे में व्यापक बदलाव करने होंगे, जो बैंकों के लिए काफी बड़ी चुनौती होगा। संघ ने कहा कि उसने केंद्रीय पंजीकरण का मामला उठाया है।
जीएसटी को आजादी के बाद का सबसे बड़ा कराधान सुधार माना जा रहा है। केंद्रीय उत्पाद, सेवाकर, वैट और अन्य स्थानीय शुल्क इसमें समाहित हो जाएंगे। माना जा रहा है कि इस नए अप्रत्यक्ष बिक्री कर से जीडीपी की वृद्धि दर में 2 प्रतिशत का इजाफा होगा और इससे कर अपवंचन पर अंकुश लगेगा। (भाषा)