Publish Date: Fri, 25 Aug 2017 (22:46 IST)
Updated Date: Fri, 25 Aug 2017 (22:56 IST)
सिरसा। हरियाणा के पंचकूला स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो की अदालत से साध्वी यौन शोषण मामले में
दोषी करार दिए गए बाबा राम रहीम सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के करीब 27 वर्ष पहले प्रमुख बने थे। डेरा सच्चा सौदा (डीएसएस) एक सामाजिक कल्याण एवं आध्यात्मिक संगठन है जिसकी स्थापना मस्ताना बलूचिस्तानी नामक एक साधु ने 29 अप्रैल 1948 को एक आध्यात्मिक शिक्षा केंद्र के रूप में की थी।
डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख केंद्र हरियाणा के सिरसा में है। देशभर में इसके कुल 46 आश्रम हैं। अमेरिका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन समेत कई देशों में इसके कई केंद्र हैं। डेरा सच्चा सौदा के विश्वभर में करीब 6 करोड़ अनुयायी हैं।
डीएसएस की स्थापना करने वाले बाबा मस्ताना बलूचिस्तानी को उनके समर्थक बेपरवाह मस्तानाजी महाराज के नाम से बुलाते थे। बाबा मस्ताना बलूचिस्तानी का 18 अप्रैल 1960 को निधन हो गया जिसके बाद 25 जनवरी 1919 को जन्मे बाबा शाह सतनाम सिंह ने 41 वर्ष की उम्र में डेरा प्रमुख का पद संभाला। शाह सतनाम सिंह 1990 तक डेरा प्रमुख रहे। शाह सतनाम सिंह का 13 दिसम्बर 1991 को निधन हो गया। इसके बाद 23 सितंबर 1990 को गुरमीत राम रहीम सिंह डेरा सच्चा सौदा के तीसरे प्रमुख बने।
डीएसएस मुख्यालय में इसके 400 अनुयाइयों की एक प्रक्रिया के तहत यौन क्षमता खत्म करने का मामला भी सामने आया था। इस मामले के एक पीड़ित ने बताया कि ऐसा अनुयाइयों को कथित रूप से ईश्वर के नजदीक लाने के लिए किया गया। बाबा राम रहीम को शुक्रवार को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया है। (वार्ता)