Publish Date: Mon, 25 Sep 2017 (12:43 IST)
Updated Date: Mon, 25 Sep 2017 (12:45 IST)
नई दिल्ली। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने आतंकवादी संगठनों के साथ कथित संबंधों को लेकर जांच के घेरे में आए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की महिला इकाई की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर शनिवार को हमला बोला।
विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेन्द्र जैन ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अंसारी बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब वे उपराष्ट्रपति के पद पर थे तब भी मुस्लिम समुदाय में असंतोष फैला रहे थे।
खबरों के अनुसार अंसारी कोझीकोड में एक कार्यक्रम में शामिल हुए जिसका आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज ने पीएफआई की महिला इकाई नेशनल वूमेंस फ्रंट के साथ मिलकर किया था।
जैन ने एक बयान में आरोप लगाया कि पीएफआई और कुछ नहीं बल्कि प्रतिबंधित संगठन सिमी का एक नया और विस्तारित अवतार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएफआई आतंकवादी गतिविधियों और केरल में देशभक्तों की हत्या में लिप्त है।
एनआईए ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी गई एक रिपोर्ट में दावा किया है कि पीएफआई आतंकवादी कृत्यों में लिप्त रहा है जिसमें आतंकवादी शिविर संचालित करना, बम बनाना शामिल है तथा यह गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत प्रतिबंधित घोषित करने का एक उपयुक्त मामला है।
पीएफआई की कथित रूप से 23 राज्यों में मौजूदगी है और यह केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में मजबूत है। यद्यपि केरल में पीएफआई सूत्रों ने बताया कि केवल दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज ने कार्यक्रम आयोजित किया था और पीएफआई ने इसका आयोजन नहीं किया था।
इससे पहले अपने विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत देने वाले कालीकट विश्वविद्यालय ने अनुमति यह कहते हुए रद्द कर दी थी कि विश्वविद्यालय में चेयर ऑफ इस्लामिक स्टडीज की मूल इकाई फेडरेशन ऑफ मुस्लिम कॉलेजेस ने कार्यक्रम से बाद में जुड़ने वाले कुछ संगठनों पर आपत्ति उठाई है, जो पहले इसका हिस्सा नहीं थे। (भाषा)