Publish Date: Fri, 07 Apr 2017 (00:25 IST)
Updated Date: Fri, 07 Apr 2017 (00:27 IST)
मथुरा। भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठतम नेता अटलबिहारी वाजपेयी को उनकी एक फिल्म इतनी ज्यादा पसंद आई कि उन्होंने 25 बार देखी थी। हेमामालिनी ने पार्टी के स्थापना दिवस समारोह में कहा कि मुझे राजनीति में, वह भी खासतौर पर भाजपा में लाने का श्रेय एक प्रकार से मेरे पूर्व सहकर्मी अभिनेता एवं गुरुदासपुर से सांसद रहे विनोद खन्ना हो जाता है, क्योंकि 1999 में गुरुदासपुर से दूसरी बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे खन्ना ने अपने यहां प्रचार के लिए बुलाया था।
हेमामालिनी ने बताया कि तत्कालीन अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने उनके लिए प्रचार के लिए कहा था। मां ने भी आडवाणीजी का नाम सुनकर प्रचार करने की अनुमति दे दी थी। तब पहला भाषण मां ने लिखकर दिया था। सभा में बहुत भीड़ थी, जिससे खुश होकर आडवाणी ने बिहार में प्रचार का न्योता दे दिया।
हेमामालिनी ने कहा कि उसके बाद तो भाजपा के प्रचार में अक्सर जाने लगी। 2003 में उन्होंने राज्यसभा सदस्य बनाकर एक बड़ी जिम्मेदारी भी दे दी। उन्होंने बताया कि मुझे याद है एक बार मैंने पदाधिकारियों से कहा कि मैं भाषणों में अटलबिहारी वाजपेयी का जिक्र करती हूं। लेकिन उनसे कभी मिली नहीं, मिलवाइए। तब वो मुझे उनसे मिलाने ले गए। लेकिन मैंने महसूस किया कि अटलबिहारी वाजपेयी बात करने में कुछ हिचकिचा रहे हैं। इस पर मैंने वहां मौजूद एक महिला से पूछा, क्या बात है। अटलजी, ठीक से बात क्यों नहीं कर रहे। उन्होंने बताया, कि असल में ये आपके बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। इन्होंने 1972 में आई आपकी फिल्म ‘सीता और गीता’ 25 बार देखी थी। आज अचानक आपको सामने पाकर हिचकिचा रहे हैं।
हेमामालिनी ने कहा कि इसके बाद तो मैं गुजरात में मोदी के लिए तो छत्तीसगढ़ में डॉ. रमण सिंह के लिए, जहां भी पार्टी ने बुलाया प्रचार के लिए जाती रही। परिणाम भी अच्छे ही रहे। संयोग ही था कि सभी जगह भाजपा जीतती गई। लेकिन अफसोस है बिहार में ऐसा न हो सका। उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं अब उत्तप्रदेश में जीते हैं। अन्य जगह भी भाजपा की सरकार बन रही है। कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्हें बधाई। (भाषा)