Publish Date: Mon, 06 Jun 2016 (21:20 IST)
Updated Date: Mon, 06 Jun 2016 (21:25 IST)
नई दिल्ली। कैंसर, मधुमेह, विषाणु संक्रमण तथा उच्च रक्तचाप के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 56 महत्वपूर्ण दवाओं की कीमतों में कमी आने की संभावना है। सरकार ने औषधि कीमत नियंत्रण प्रणाली के तहत इन दवाओं की उच्चम कीमत की सीमाएं निर्धारित की हैं।
राष्ट्रीय औषधि कीमत प्राधिकरण (एनपीपीए) की अधिसूचना के अनुसार जिन कंपनियों की दवाएं कीमत निर्धारण के दायरे में आई हैं, उसमें एबॉट हेल्थकेयर, सिप्ला, ल्यूपिन, एलेम्बिक, एलकेम लैबोरेटरीज, नोवार्तिस, बायोकॉन, इंटास फार्मास्युटिकल्स, हेतेरो हेल्थकेयर तथा पूर्व रैनबैक्सी (अब सन फर्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज) शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार प्राधिकरण ने औषधि (कीमत नियंत्रण) संशोधन आदेश 2016 के तहत अनुसूची-1 के कुल 56 अनुसूचित फार्मूलेशन की कीमत तथा आठ फार्मूलेशन के खुदरा मूल्य निश्चित (संशोधित) किए हैं। कंपनियों को इन दवाओं की कीमत में साल में 10 प्रतिशत तक की ही वृद्धि की अनुमति होगी। (भाषा)