Publish Date: Mon, 10 Aug 2020 (08:40 IST)
Updated Date: Mon, 10 Aug 2020 (20:22 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जल्द ही दुनिया का सबसे सुरक्षित माने जाने वाला हवाई जहाज एयरफोर्स वन (Air Force One) मिलने वाला है। खबरों के अनुसार भारत ने अमेरिका से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए 2 एयरफोर्स वन खरीदे हैं, जो अगले महीने भारत आ जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जिस विमान में सफर करते हैं, ठीक वैसे ही विमान का प्रयोग अब पीएम मोदी भी करेंगे। एयरफोर्स वन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए एक अभेद्य किला है। यह इतना सुरक्षित है कि दुश्मन भी इसका कुछ नहीं कर सकते हैं। एयरफोर्स वन की तरह का विमान प्रधानमंत्री मोदी के लिए तैयार हो चुका है। यह बोइंग-777 विमान है जिसे अमेरिका में एक अभेद्य हवाई किले की तरह बदल दिया गया है। इसे एयरफोर्स के पायलट उड़ाएंगे और इसका कॉल साइन इंडियन एयरफोर्स वन रखा जा सकता है।
खबरों के अनुसार इन दोनों विमानों की कीमत करीब 8,458 करोड़ रुपए है। विमान में सबसे आधुनिक और सिक्योर सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम भी लगा है। इसके जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न सिर्फ ग्राउंड पर संपर्क में रह सकते हैं बल्कि दुनिया के किसी भी कोने में बातचीत कर सकते हैं। बेहद सुरक्षित होने से उनकी बातचीत को टेप भी नहीं किया जा सकता।
मिसाइल भी नहीं कर सकती टारगेट : इस विमान के अगले हिस्से में EW जैमर लगा है। यह दुश्मन रडार के सिग्नल को जाम कर देता है, इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को जाम कर देता है जिससे अगर इसके ऊपर मिसाइल फायर की गई है तो उसे टारगेट नहीं मिल पाता।
यह जैमर मिसाइल की जानकारी देता है। विमान के पिछले हिस्से में लगा मिसाइल अप्रोच सिस्टम जैसे ही इसके ऊपर कोई मिसाइल फायर होती है, यह तुरंत अलर्ट कर देता है। इसके साथ ही ये मिसाइल कितनी दूर है, कितनी स्पीड से आ रही है और कितनी ऊंचाई पर ही इसकी भी जानकारी देता है।
हीट सिंक मिसाइलों से बचाव के लिए विमान में फ्लेयर्स लगे हैं। ये ऐसी मिसाइलें होती हैं, जो गर्मी की ओर आकर्षित होती हैं, इन फ्लेयर्स से इतनी गर्मी निकलती है जिससे मिसाइल दिशाहीन हो जाती है। विमान में एक मिरर बॉल सिस्टम भी है। यह इंफ्रारेड सिग्नल को जाम करता है। आजकल की आधुनिक मिसाइलें इंफ्रारेड नेविगेशन सिस्टम से चलती हैं, उनके सिग्नल को ये जाम कर देता है जिससे मिसाइल लक्ष्य को नहीं भेद पाती।