Publish Date: Mon, 08 May 2017 (08:09 IST)
Updated Date: Mon, 08 May 2017 (09:03 IST)
चीन-भारत के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन ने मतभेदों को दूर करने और रिश्तों को गहरा करने के लिए 4 सूत्री पहल का प्रस्ताव किया है जिसमें उसके ‘वन बेल्ट, वन रोड’ परियोजना को भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ से मिलाने और मुक्त व्यापार समझौते पर फिर से बातचीत करना शामिल है।
प्रस्ताव को चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने आगे बढ़ाया है। इसमें ‘चीन-भारत ट्रीटी ऑफ गुड नेबरलाइनेस एंड फ्रेंडली को-ऑपरेशन’ पर बातचीत शुरू करना और दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का जल्दी हल तलाशने के लिए प्राथमिकताएं तय करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि अव्वल तो चीन-भारत ट्रीटी ऑफ गुड नेबरलाइनेस एंड फ्रेंडली को-ऑपरेशन पर वार्ता शुरू करना। दूसरे, चीन भारत मुक्त व्यापार समझौते पर फिर से बातचीत शुरू करना। तीसरे, सीमा मुद्दे के जल्द हल के लिए प्रयास करना। चौथे, चीन की ‘वन बेल्ट वन रोड इनिशिएटिव’ और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को एकसाथ मिलने की संभावना को सक्रियता से तलाशना।
चीनी राजदूत ने यह टिप्पणी शुक्रवार को रक्षा थिंक टैंक यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट में की लेकिन बंद कमरे में किए गए उनके संबोधन की विषयवस्तु रविवार को जारी की गई है।
भारत-पाक रिश्तों का हवाला देते हुए लुओ ने कहा कि अगर दोनों पक्ष स्वीकार करें तो चीन दोनों के देशों के मतभेदों का समाधान कराने के लिए मध्यस्थता करने की इच्छा रखता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते क्षेत्रीय स्थिरता और चीन के हितों के लिए अनुकूल हैं। (भाषा)