Publish Date: Thu, 10 Aug 2017 (12:35 IST)
Updated Date: Thu, 10 Aug 2017 (14:26 IST)
नई दिल्ली। भूटान के डोकलाम पठार पर चीन ने अपनी सैनिकों की संख्या को बढ़ा दिया है और अपनी आर्मी के रहने के लिए 80 से ज्यादा टेंट का लगा दिए हैं। लेकिन इन टेंट को चीन ने विवादित सीमा से एक किलोमीटर दूर बनाया है, ताकि सैनिकों को रहने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार चीन के करीब 800 सैनिक डोकलाम के पास बने इन टेंट में रह रहे हैं। वहीं ग्राउंड जीरो पर 300 सैनिक लगातार निगरानी रखे हुए हैं। हालांकि इस विवाद को 7 हफ्ते से अधिक का समय हो गया है।
जबकि डोकलाम में भारत ने 350 सैनिकों को तैनात कर रखा है। यह सभी सैनिक भारतीय सीमा के अंदर बने 30 टेंटों में रह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना की ओर जवाबी कार्रवाई का फैसला सेना की 33 कॉर्प डिवीजन का है। यह डिवीजन इस इलाके में चीन से लगती सीमा की हिफाजत करती है। इस डिवीजन ने अपनी सभी यूनिटों को ऑपरेशन अलर्ट की तैयारी करने को कह दिया है।
इस ऑपरेशन को पहले सितंबर या फिर अक्टूबर में होना था, लेकिन अब इसको अगस्त में करने का फैसला किया गया है। इस ऑपरेशन के तहत सभी सैनिकों को दो हफ्ते की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे अपने आप को भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह से परिचित हो सके। कहना गलत न होगा कि डोकलाम पर भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध चरम पर है और चीनी मीडिया लगातार युद्ध की धमकियां दे रहा है।
चीन सरकार के मुखपत्र ‘चायना डेली’ ने अपने संपादकीय में धमकी देते हुए लिखा है कि भारत और चीन के बीच सैन्य संघर्ष की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उसने लिखा कि नई दिल्ली को होश में आ जाना चाहिए और डोकलाम में बहुत देर होने से पहले अपनी सेना को हटा लेना चाहिए।
चीन सरकार के इस सरकारी अखबार ने अपने संपादकीय के ताजा अंक में भारत के लिए लिखा है कि वक्त निकलता जा रहा है और यदि भारत डोकलाम से बिना शर्त वह सेना को वापस नहीं बुलाता है तो बाद में वह सिर्फ खुद को ही दोषी ठहराएगा। उसने धमकी दी कि भारत और चीन के बीच संघर्ष की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और घड़ी लगातार चल रही है जबकि अपरिहार्य निष्कर्ष का वक्त निकलता जा रहा है।
उसने लिखा कि सीमा पर यह गतिरोध अपने सातवें सप्ताह में प्रवेश कर गया है जबकि शांतिपूर्ण समाधान के उपाय भी खत्म हो रहे हैं। उसने डोकलाम से भारतीय सैनिकों की वापसी न होने पर गंभीर परिणामों की धमकी भी दी।
इस संपादकीय में लिखा गया है कि भारत ने दोनों देशों को डोकलाम से सेना हटाने का प्रस्ताव देते हुए कहा था कि यह इलाका भूटान के क्षेत्र में आता है। बीजिंग ने इसे खारिज कर दिया है। अखबार ने कहा कि भारत ने चीन की कड़ी चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया है।
उसने धमकाया है कि किसी भी आंख और कान वाले को हमारा संदेश मिल गया है, लेकिन भारत अभी भी होश में आने को तैयार नहीं है। उसने लिखा कि भारत द्वारा चीनी इलाके में सैनिकों की घुसपैठ कराने से हमारी संप्रभुता पर खतरा पैदा किया है। अब गेंद नई दिल्ली के पाले में है कि उसे क्या करना है।