Publish Date: Thu, 20 Jul 2017 (14:20 IST)
Updated Date: Thu, 20 Jul 2017 (14:23 IST)
नई दिल्ली। एडीबी ने गुरुवार को कहा कि मजबूत उपभोग मांग के चलते वर्ष 2017 में भारत में 7.4% और इससे अगले वर्ष 7.6% की अनुमानित आर्थिक वृद्धि हासिल कर लेने की उम्मीद है, क्योंकि एशिया और प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण एशिया ही वृद्धि का नेतृत्व कर रहा है।
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने 2017 की अपनी पूरक रिपोर्ट में कहा है कि इस उपक्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत के वर्ष 2017 में 7.4% और वर्ष 2018 में 7.6% की अनुमानित वृद्धि दर हासिल कर लेने की संभावना है और उसकी प्राथमिक वजह अच्छी खपत मांग होगी।
इस रिपोर्ट के अनुसार एशिया और प्रशांत क्षेत्र के सभी उपक्षेत्रों में दक्षिण एशिया सबसे तेजी से वृद्धि करेगा और इसकी वृद्धि दर 2017 में 7% और 2018 में 7.2% के मूल अनुमान को हासिल कर लेने की संभावना है। उसने कहा है कि 2017 में विकासशील एशिया की वृद्धि संभावना में इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अनुमान से ज्यादा निर्यात होने के आधार पर सुधार किया गया है।
पूरक रिपोर्ट में उसने एशियाई क्षेत्र के लिए वृद्धि दर की संभावना वर्ष 2017 के लिए 5.7% से बढ़ाकर 5.9% तथा वर्ष 2018 के लिए 5.7% से बढ़ाकर 5.8% की है। अगले साल में निम्न वृद्धि रखने के लिए इस बात को ध्यान में रखा गया है कि निर्यात की रफ्तार बनी रहती है या नहीं।
एएफपी के अनुसार इस बैंक ने अप्रैल में जारी अपने पिछले अनुमान को अद्यतन किया है। अप्रैल में बैंक ने एशियाई क्षेत्रों में इस साल और अगले साल में वृद्धि दर 5.7% रहने की संभावना व्यक्त की थी। पिछले साल विकासशील एशिया की वृद्धिदर 5.8% रही थी।
उसने कहा कि एशियाई निर्यात के लिए वैश्विक मांग में तेजी तथा पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें घटने से चीन और इस क्षेत्र की विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस साल अनुमान से कहीं ज्यादा तेज रफ्तार से वृद्धि करने में मदद मिलेगी। (भाषा)