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जगदीप धनखड़ होंगे NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, नड्डा ने किया नाम का ऐलान

हमें फॉलो करें Jagdeep Dhankhar
शनिवार, 16 जुलाई 2022 (19:16 IST)
नई दिल्ली। एनडीए (NDA) की ओर जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) उपराष्ट्रपति (Vice President) उम्मीदवार (Candidate) होंगे। उनके नाम का ऐलान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने भाजपा (BJP) की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था संसदीय बोर्ड (Parliamentary Board) की बैठक के बाद किया। पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल हुए। धनखड़ अभी पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राज्यपाल (Governor) हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धनखड़ को संविधान का अच्छा ज्ञान है, उन्हें विधायी कामकाज की भी अच्छी-खासी जानकारी है, वे राज्यसभा के शानदार सभापति होंगे।
जाट समुदाय से ताल्लुक रखने वाले धनखड़ समाजवादी पृष्ठभूमि के रहे हैं और वह पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक ईकाई संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने धनखड़ को उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की।

नड्डा ने धनखड़ को ‘किसान पुत्र’ बताया और कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में खुद को ‘जनता के राज्यपाल’ के रूप में स्थापित किया।
 
भाजपा अध्यक्ष ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बैठक में कई नामों पर विस्तृत चर्चा के बाद भाजपा संसदीय बोर्ड धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के निष्कर्ष पर पहुंचा। उन्होंने कहा कि किसान पुत्र जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति पद के लिए भाजपा और राजग के प्रत्याशी होंगे।
 
धनखड़ का उपराष्ट्रपति चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। देश के उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है, जिनमें से केवल भाजपा के 394 सांसद हैं। जीत के लिए 390 से अधिक मतों की आवश्यकता होती है।
 
नड्डा ने कहा कि धनखड़ एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और उन्होंने सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को पार करते हुए अपने जीवन में उच्च लक्ष्य को प्राप्त करने तथा देश की सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
 
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में धनखड़ वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के साथ विभिन्न मुद्दों पर टकराव को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहे हैं। हालांकि, ऐसे हर अवसर पर भाजपा ने धनखड़ का मजबूती से साथ दिया। राजस्थान में जाट समुदाय पिछड़ों की श्रेणी में आता हैं। उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में धनखड़ का चयन कर भाजपा ने इस समुदाय के लोगों को एक संदेश भी देने की कोशिश की है। 
 
जाट समुदाय से ताल्लुक रखने वाले और शीर्ष पदों पर काम कर चुके प्रमुख जाट नेताओं में चौधरी चरण सिंह और देवीलाल शुमार हैं। चरण सिंह जहां देश के प्रधानमंत्री रहे हैं वहीं देवी लाल उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं।
 
हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी एक बड़ी तादाद है। माना जाता है कि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी को जाट समुदाय का समर्थन भी मिला है। नड्डा ने कहा कि लगभग तीन दशकों तक सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले धनखड़ का लालन-पालन राजस्थन के झुंझुनू स्थित एक गांव में हुआ और फिर उन्होंने एक प्रसिद्ध वकील के रूप में अपनी पहचान बनाई।
 
उन्होंने कहा कि धनखड़ को एक लंबा प्रशासनिक अनुभव है और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पद संभालने के बाद उन्होंने लोगों के दिलों पर राज किया और ‘जनता के राज्यपाल’के रूप में स्वयं को स्थापित किया।
 
संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और नड्डा के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद थे।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने धनखड़ को ‘किसान पुत्र’ और संविधान का जानकार बताया और उम्मीद जताई कि वह राज्यसभा के सभापति के रूप में उत्कृष्ट साबित होंगे। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि ‘किसान पुत्र धनखड़ जी अपनी विनम्रता के लिए जाने जाते हैं।

उन्हें कानूनी, विधायी के साथ ही राज्यपाल के रूप में भी काम करने का अनुभव है। उन्होंने हमेशा किसानों, युवाओं, महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए काम किया।’ उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वे राजग के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे।
 
एक अन्य ट्वीट में मोदी ने कहा कि धनखड़ संविधान के उत्कृष्ट जानकार हैं और विधायी मामलों पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि वह राज्यसभा के उत्कृष्ट सभापति होंगे और राष्ट्र की प्रगति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
धनखड़ ने इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के चंद घंटों के बाद ही भाजपा द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में धनखड़ के नाम की औपचारिक घोषणा की गई। धनखड़ राजस्थन के झुंझुनू में जनता दल के टिकट पर 1989 का लोकसभा चुनाव जीते थे।
 
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 जुलाई है और मतदान छह अगस्त को निर्धारित है। मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। राजग ने 2017 में उपराष्ट्रपति पद के लिए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नायडू को अपना उम्मीदवार बनाया था।

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