Publish Date: Tue, 24 Jan 2017 (12:06 IST)
Updated Date: Tue, 24 Jan 2017 (12:14 IST)
जल्लीकट्टू के बाद अन्य राज्यों में भी पशुओं से संबंधित खेलों को कानूनी जामा पहनाए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। इस बीच जलीकट्टू को वैधानिक दर्ज मिलने के बाद दूसरे राज्यों से भी इस तरह के खेलों को मान्यता देने की मांग उठने लगी है। कर्नाटक में कन्नड़ संगठन अब कंबाला नाम के भैंसों के दौड़ के खेल को कानूनी दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। इस सिलसिले में बेंगलुरू के फ्रीडम पार्क में सोमवार को प्रदर्शन किया गया। कन्नड़ संगठन अपनी मांग के समर्थन में 25 जनवरी को राज भवन के घेराव की योजना बना रहे हैं।
महाराष्ट्र में शिवसेना ने राज्य में बैलगाड़ियों की दौड़ को जलीकट्टू के तरह वैधानिक दर्जा देने की मांग उठाई है। पुणे से पार्टी सांसद शिवाजी राव पाटिल का कहना था कि तमिलनाडु सरकार की तरह देवेंद्र फड़नवीस भी इस सिलसिले में केंद्र से बातचीत करें। पंजाब में किला रायपुर गेम्स के आयोजक अब बैलगाडियों की रेस पर लगी पाबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। वहीं असम में बुलबुल की लड़ाई पर लगी रोक को हटाने की भी मांग उठने लगी है।
आयोजकों का कहना है कि यदि जल्लीकट्टू से रोक हटाई जा सकती है तो इन खेलों या परंपराओं में क्या बुराई है जो सरकार ने इन पर पाबंदी लगाई हुई है।